31सीटीके01..एमडीयू में शनिवार को पुस्तक लोकार्पण समारोह में शामिल लेखक व शिक्षक। स्रोत:एमडीयू
रोहतक। महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय के विवेकानंद पुस्तकालय में शनिवार को एक साहित्यिक समारोह आयोजित किया गया। समारोह में प्रतिष्ठित लेखक डाॅ. शामनाथ कौशल और डाॅ. मधुकांत की दो नई पुस्तकों का लोकार्पण किया गया। डाॅ. शामनाथ कौशल की पुस्तक अभी तो मैं जवान हूं और डाॅ. मधुकांत की पुस्तक तेरा खून, मेरा खून ने सभी का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया। भारतीय पुनर्वास परिषद की अध्यक्ष डाॅ. शरणजीत कौर ने बतौर मुख्य अतिथि शिरकत दी।
उन्होंने पुस्तकों का लोकार्पण करते हुए कहा कि लेखन एक जुनून है और एक अच्छा लेखक अपने दिल के भावों को शब्दों में पिरोकर पुस्तकों के रूप में प्रस्तुत करता है। उन्होंने समाज में पुस्तक पढ़ने की परंपरा को बढ़ावा देने पर जोर दिया और कहा कि पुस्तकें एक समावेशी और संवेदनशील समाज के निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान देती है। उन्होंने उपस्थित लेखकों से निशक्तजन पर पुस्तकें लिखने का आह्वान किया।
लोकार्पण समारोह के प्रारंभ में यूनिवर्सिटी लाइब्रेरियन डाॅ. सतीश मलिक ने स्वागत भाषण दिया। डॉ. सतीश मलिक ने कहा कि विश्वविद्यालय में पुस्तक लोकार्पण समारोह आयोजन का उद्देश्य विश्वविद्यालय समुदाय में पुस्तक प्रेम जागृत करना और पठन-पाठन की परंपरा को समृद्ध करना है।
इस अवसर पर डाॅ. मधुकांत और डाॅ. शामनाथ कौशल ने भी अपने विचार रखे। डाॅ. मधुकांत ने बताया कि उनकी पुस्तक तेरा खून, मेरा खून रक्तदान के महत्व को काव्य रूप में प्रस्तुत करती है। वहीं, डाॅ. शामनाथ कौशल ने अपनी पुस्तक अभी तो मैं जवान हूं में वृद्धावस्था, पारिवारिक मूल्य, जीवन मूल्य और नारी सशक्तिकरण जैसे विषयों को उठाया है। कार्यक्रम में उपस्थित कई रचनाकारों ने लोकार्पण समारोह में अपनी रचनाएं सुनाईं। आभार प्रदर्शन प्रो. निर्मल कुमार स्वैन ने किया। इस अवसर पर हिंदी विभाग की अध्यक्षा प्रो. कृष्णा जून, संस्कृत विभागाध्यक्ष डाॅ. श्रीभगवान, निदेशक जनसंपर्क सुनित मुखर्जी, शहर के प्रतिष्ठित रचनाकार, साहित्य प्रेमी, एमडीयू के शोधार्थी, विद्यार्थी उपस्थित रहे।