एमडीयू के रिसोर्स पर्सन पीएचडी के लिए बगैर वेतन छुट्टी ले सकेंगे। इसके लिए शर्त रखी गई है कि उन्हें कैंपस में ही रहना होगा। स्टडी व सबएडीकल लीव लेने वाले को अब एक साल में कम से कम एक शोध पत्र देना होगा। दूसरे विवि के पीएचडी विद्यार्थी का कोसुपरवाइजर बनने के लिए कुलपति से एनओसी लेना अनिवार्य है। यही नहीं कोसुपरवाइजर की आधी सीट दिखानी होगी। ये फैसला शनिवार को हुई एमडीयू की 273वीं ईसी (कार्यकारी परिषद) की बैठक में लिए गए। विवि परिसर में कुलपति प्रो. राजबीर सिंह के नेतृत्व में हुई इस बैठक में 57 एजेंडे रखे गए। इनमें से 26 टेबल एजेंडे रहे।
कुलपति की देखरेख में ईसी ने एमडीयू व सेंट्रल इंस्टीट्यूट फॉर कॉटन रिसर्च (सीआईसीआर) नागपुर के साथ संयुक्त शोध व शोध सहभागिता के लिए करार पर सहमति बनी। कार्यकारी परिषद की बैठक में विभागीय पदोन्नति समिति की अनुशंसा पर विभिन्न गैर शैक्षणिक कर्मियों की पदोन्नति के प्रस्तावों को स्वीकृति प्रदान की गई है। चयन समिति व स्क्रीनिंग-कम-इवैल्यूशन समिति की अनुशंसा पर विभिन्न प्राध्यापकों के पदोन्नति व स्टेज टू/थ्री/फोर में प्लेसमेंट के 19 प्रस्तावों को मंजूरी प्रदान की।
इसी प्रकार, एक्सटेंसन लेक्चर के लिए कार्यरत रिसोर्स पर्संस के लिए अगले शैक्षणिक सत्र में अनुबंध को जारी रखने के लिए स्कोपस/वेब ऑफ साइंस/यूजीसी केयर लिस्ट जर्नल्स में न्यूनतम एक शोध आलेख का प्रकाशन होना अनिवार्य कर दिया है। विश्वविद्यालय छात्रावासों में कार्यरत होस्टल सुपरवाइजर व अन्य स्टाफ की भूमिका व कार्य संबंधी जिम्मेदारियां लिखित तौर पर तय कर दी गई हैं।
राजकीय कन्या महाविद्यालय बल्लभगढ़ का नाम बदलकर श्रीमती सुषमा स्वराज राजकीय कन्या महाविद्यालय करने, राजकीय महाविद्यालय तिगांव (जिला फरीदाबाद) का नाम शहीद स्मारक राजकीय महाविद्यालय तिगांव करने के सरकार के निर्णय को कार्यकारी परिषद ने अनुमोदित किया। सिलेबस बदलने, शिक्षकों की पदोन्नति के अलावा पुन: रोजगार के मुद्दों को भी हरी झंडी दी गई। इसमें एक पूर्व कर्मचारी का कार्यकाल एक वर्ष के लिए बढ़ाने के अलावा तीन अन्य को सेवानिवृत्ति बाद पुन: रोजगार दिया गया। पूर्व कर्नल राजवीर शर्मा को चीफ कंसलटेंट सुरक्षा अधिकारी, हरियाणा पर्यटन विभाग से सेवानिवृत्त दिलावर सिंह को चीफ कंसलटेंट होस्पिटेलिटी रखा गया है। हार्टिकल्चर व फैकल्टी हाउस का चार्ज भी दिलावर सिंह को दिया गया है।
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यूसीसी का डाटा गायब होने के मामले में चेतावनी जारी
एमडीयू के सबसे चर्चित यूसीसी का डाटा उड़ने का विवाद भी सुनवाई के लिए रखा गया। यहां एक कर्मचारी पर कार्रवाई करने के बजाय चेतवनी देते हुए बैकअप सिस्टम की व्यवस्था करने की हिदायत दी गई। डाटा गायब होने के मामले को तकनीकी फाल्ट बताते हुए यूसीसी निदेशक को भी इस संबंध में एडवाइजरी जारी कर मामले को निपटा दिया गया। विवि के विधि विभाग के प्रो. अरविंद दलाल की वीआरएस को मंजूरी दे दी गई है। बैठक में डीन एकेडमिक अफेयर्स प्रो. एके राजन, रजिस्ट्रार प्रो. गुलशन लाल तनेजा, चांसलर नॉमिनी प्रो. सुषमा यादव, वाइस चांसलर बीपीएस महिला विश्वविद्यालय खानपुर कलां, डीन प्रो. राजकुमार, प्रो. संजू नंदा, प्रो. विनीत कुमार समेत ईसी के अन्य सदस्य शामिल रहे।
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राज्यपाल ने मनोनीत किए दो ईसी सदस्य
रोहतक। राज्यपाल एवं कुलाधिपति एमडीयू ने एमडीयू एक्ट के स्टैच्यूट 11 के प्रावधानों के तहत विश्वविद्यालय कार्यकारी परिषद (ईसी) में दो सदस्य मनोनीत किए हैं। राज्यपाल सत्यदेव नारायण आर्य ने डॉ. बीआर आंबेडकर लॉ यूनिवर्सिटी जयपुर (राजस्थान) के वाइस चांसलर डॉ. देव स्वरूप व भगत फूल सिंह महिला विश्वविद्यालय खानपुर कलां (सोनीपत) की वाइस चांसलर प्रो. सुषमा यादव को तुरंत प्रभाव से दो वर्ष की कार्यावधि के लिए कार्यकारी परिषद (ईसी) का सदस्य मनोनीत किया है। प्रो. सुषमा यादव को विवि की वित्त समिति (एफसी) का सदस्य भी मनोनीत किया है। उनकी वित्त समिति की सदस्यता तुरंत प्रभाव से दो वर्ष की कार्यावधि के लिए मान्य होगी।