संवाद न्यूज एजेंसी
रोहतक। महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय (एमडीयू) में पीएचडी शोधार्थियों के लिए साेमवार को एक सप्ताह की रिसर्च मेथोडॉलजी कार्यशाला का शुभारंभ हुआ। यह कार्यशाला लाइफ साइंसेज, फार्मास्युटिकल, फॉरेंसिक साइंस तथा यूनिवर्सिटी इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी के शोधार्थियों के लिए 16 से 21 जनवरी 2026 तक आयोजित की जा रही है।
मुख्य अतिथि के तौर पर प्रो. आरसी कुहाड़ ने शिरकत की। उन्होंने कहा कि वर्तमान दौर में शोध केवल ज्ञान अर्जन का माध्यम नहीं बल्कि वैश्विक चुनौतियों के समाधान और सतत विकास की आधारशिला है। उद्घाटन सत्र में डीन, रिसर्च एंड डेवलेपमेंट प्रो. हरीश दुरेजा ने शोध पद्धति की संरचना, गुणवत्तापूर्ण प्रकाशन और अकादमिक व औद्योगिक क्षेत्र में ट्रांसलेशनल रिसर्च की उपयोगिता पर प्रकाश डाला। वहीं डीन, लाइफ साइंसेज प्रो. मीनाक्षी वशिष्ठ ने शोधार्थियों को प्रभावशाली शोध करने के लिए प्रेरित करते हुए शोध को राष्ट्र निर्माण से जोड़ने का संदेश दिया। कार्यक्रम के अंत में डॉ. हरिमोहन, सेंटर फॉर मेडिकल बायोटेक्नोलॉजी ने धन्यवाद प्रस्ताव प्रस्तुत किया। मंच संचालन डॉ. महक डांगी ने प्रभावी ढंग से किया। डॉ. राजविंदर सिंह और डॉ. चरण सिंह ने आयोजन में सहयोग दिया।