कलानौर। कलानौर, गुढान, जिंदरान के किसान खेतों में भरे पानी की वजह से परेशान हैं। जल निकासी के समाधान के लिए वीरवार को किसानों ने रोहतक के एसडीएम आशीष कुमार से मुलाकात की। यहां सुबह 8 बजे पहुंचे ग्रामीण दिनभर भूखे-प्यासे उनके कार्यालय के बाहर बैठे रहे। शाम सवा 4 बजे एसडीएम के आश्वासन पर ही वे लौटे।
दरअसल, कलानौर में जलभराव की समस्या का समाधान नहीं हो रहा है। किसानों की सैकड़ों एकड़ फसल बर्बाद हो चुकी है। कई ऐसे परिवार ऐसे हैं जो खेती पर निर्भर हैं। ऐसे में बर्बाद फसल व आगामी बुआई को लेकर उनकी चिंता बढ़ गई है। वीरवार को किसानों ने एसडीएम से मुलाकात कर शिकायत पत्र सौंपा।
किसानों ने कहा कि कलानौर, जिंदरान, गुढ़ान, आंवल समेत अन्य गांवों में बारिश का पानी चार जून से भरा हुआ है। इस कारण कपास व धान की फसल खराब हो गई है। गेहूं व सरसों की बुआई होने के आसार नहीं हैं। इसका असर उनके परिवारों पर पड़ रहा है।
उन्होंने काह कि जलभराव की वजह से कई घरों में पानी भर गया है। उन परिवारों को सड़क पर रहना पड़ रहा है। सर्दी का मौसम आ रहा है। ऐसे में उनका जीवन कठिन हो जाएगा। किसान दो महीने से सरकारी दफ्तरों के चक्कर काट रहे हैं मगर समस्या का समाधान नहीं हो रहा है। इलाके में करीब 1500 से 2000 एकड़ फसल में पानी भरा हुआ है। इसका समाधान किया जाए।
प्रकाश, नरेश ,महेंद्र, नरेश कुमार, सुरेश ,जगबीर डांगी, रामू, भूषण, अमित, प्रकाश, कुलदीप ने बताया कि सुबह 8 बजे एसडीएम के दफ्तर के बाहर बैठे थे। शाम सवा 4 बजे मुलाकात हुई तो उनसे जल निकासी का स्थायी समाधान करने की मांग की। प्रशासन से आर्थिक मदद की भी गुहार लगाई है।
वर्जन
किसानों से मुलाकात हुई है। उन्होंने अपनी समस्याएं रखी हैं। पानी की निकासी अपने स्तर पर की जा रही है। कुछ जमींदार ऐसे है जो पानी निकासी के लिए रास्ता देने के लिए राजी नहीं हैं। ऐसे में तहसीलदार व नायब तहसीलदार की टीम गठित की गई है। स्थिति का जायजा लेकर जो भी रिपोर्ट आती है उसके आधार पर समस्या का समाधान किया जाएगा। -आशीष कुमार, एसडीएम, रोहतक।
वर्जन
अभी कोई ड्यूटी मजिस्ट्रेट के लिए पत्र प्राप्त नहीं हुआ है। जायजा लेकर रिपोर्ट पेश करने के आदेश आए हैं। हालातों का जायजा लेकर उच्च अधिकारियों को सौंप कर दी जाएगी। -जितेंद्र कुमार, तहसीलदार, कलानौर।
फोटो कैप्शन सौजन्य संवाद
एसडीएम आशीष कुमार के दफ्तर के बाहर बैठे किसान।
जल भराव की समस्या को लेकर शिकायत पत्र दिखाते किसान