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डेयरी, ढाबा और पोल्ट्री फार्म मालिकों को प्रॉपर्टी टैक्स में मिली राहत

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रोहतक। नगर निगम ने डेयरी, ढाबा और पोल्ट्री फार्म मालिकों को प्रॉपर्टी टैक्स में छूट दी है। 31 दिसंबर 2019 तक एकमुश्त बकाया प्रॉपर्टी टैक्स जमा कराने वालों को आठ साल का ब्याज जमा नहीं करना पड़ेगा। साथ ही चालू वित्त वर्ष 2019-20 के टैक्स में 10 प्रतिशत की छूट मिलेगी। सोमवार को निगम आयुक्त प्रदीप गोदारा ने डेयरी और ढाबा मालिकों को अपने कार्यालय में बुलाकर यह जानकारी दी।
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शहर में दो हजार के करीब छोटी-बड़ी डेयरियां हैं, लेकिन निगम के रिकॉर्ड में 125 से 150 बड़ी डेयरियां चल रही हैं। इसमें भी पुराने बस स्टैंड के पीछे कॉमर्शियल डेयरियां हैं, जहां दूध के साथ पशुओं की खरीद-फरोख्त का भी कारोबार होता है। निगम की तरफ से पहले डेयरियों, डाबा मालिकों और पोल्ट्री फार्म मालिकों का कॉमर्शियल रेट पर प्रॉपर्टी टैक्स तय किया जाता था। इसके चलते ज्यादातर ने टैक्स जमा नहीं कराया। ऐसे में लाखों रुपये नगर निगम का बकाया डेयरी व दूसरे कारोबारियों की ओर लटका हुआ है। रोहतक में डेयरी एसोसिएशन के मालिक एवं भाजपा के पार्षद राजकमल उर्फ राजू सहगल ने सहकारिता मंत्री मनीष ग्रोवर के सामने मांग रखी की कि डेयरी मालिकों को राहत दी जाए। मामला चंडीगढ़ मुख्यालय पहुंचा। सीएम हाउस से हरी झंडी मिलने के बाद सरकार ने डेयरी, ढाबा व पोल्ट्री मालिकों को प्रॉपर्टी टैक्स में राहत देने का फैसला किया है। मुख्यालय से पत्र मिलने के बाद नगर निगम के आयुक्त महाबीर गोदारा के कार्यालय में डेयरी मालिक पहुंचे और राहत मिलने पर धन्यवाद किया।
एकमुश्त करानी होगी राशि जमा
एक्सपर्ट ने बताया कि डेयरी, ढाबा व पोल्ट्री फार्म मालिक को एक साथ 2011 से 2018 तक का बकाया जमा कराना होगा, तभी पूरा ब्याज माफ होगा और 2019-20 के टैक्स पर 10 प्रतिशत की छूट मिलेगी। दूसरा ढाबा मालिक के पास सीएलयू होना अनिवार्य है। डेयरी व मुर्गी फार्म पर दो एकड़ तक के प्लॉट का टैक्स अब कवर एरिया में 3.75 रुपये प्रति वर्ग गज और ओपन एरिया का 75 पैसे प्रति वर्ग गज के हिसाब से लिया जाएगा। इतना ही नहीं ढाबा मालिक के टैक्स की दर कवर एरिया में 50 प्रतिशत कामर्शियल व खाली एरिया में रेट खाली प्लाट के आधार पर लगाया जाएगा।
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वर्जन
लंबे समय से डेयरी मालिकों की मांग थी कि उनका प्रॉपर्टी टैक्स कॉमर्शियल रेट पर तय हो रहा है, जो बहुत ज्यादा है। एक-एक डेयरी कारोबारी का पांच लाख तक का बिल आया हुआ था। मंत्री के माध्यम से सरकार के पास अपनी मांग रखी। सीएम ने मांग मंजूर कर टैक्स में छूट दी है।
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- राजकमल सहगल, भाजपा पार्षद नगर निगम
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