रोहतक। ऑनलाइन ठगों का जाल बढ़ता जा रहा है। अब इंश्योरेंस पॉलिसी के नाम पर शहर के एक गैस एजेंसी संचालक से तीन लाख रुपये ठगे हैं। पॉलिसी एक्टीवेट करने के बहाने ठगों ने फोन किया। एजेंसी संचालक ने खुद ठगों के खाते में पहले एक लाख व बाद में दो लाख रुपये जमा करा दिए। इसके एक सप्ताह बाद ही छह लाख रुपये और मांगे तो शक हुआ। इसके चलते बैंक में संपर्क किया और पॉलिसी का स्टेटस पता किया। इस दौरान ठगे जाने का पता लगा। इस बारे में पुलिस को शिकायत दी। पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दिया है।
शहर के सेक्टर एक निवासी महेश अग्रवाल ने अपनी शिकायत में कहा है कि आठ जून को उसके पास एक फोन आया। फोन करने वाली महिला ने खुद का नाम वंदना बताते हुए कहा कि वह मुंबई स्थित निजी बैंक के इंश्योरेंस कार्यालय से बोल रही है। महिला ने एक पॉलिसी नंबर व उसमें 50 हजार रुपये जमा होने की जानकारी दी। महिला ने गौरव जैन नामक व्यक्ति का नंबर देते हुए उससे बात करने को कहा। उससे संपर्क करने पर राजबीर का नंबर मिला। इससे बात की तो पॉलिसी में एक लाख रुपये जमा कराने को कहा। ठगों ने कहा कि इससे आपकी पॉलिसी एक्टीवेट हो जाएगी। इसके चलते उनके दिए गए अकाउंट नंबर पर एक लाख रुपये ऑनलाइन ट्रांसफर करा दिए। गौरव जैन ने एक पॉलिसी के बारे में और बताते हुए सुझाव दिया कि इसमें दो लाख रुपये जमा करा दो। इससे आपकी पॉलिसी एक्टीवेट हो जाएगी। बैंक अकाउंट नंबर वही रहेगा। इसी दौरान बैंक से मैंने दो लाख रुपये ऑनलाइन ट्रांसफर करा दिए।
छह लाख रुपये और जमा कराने को कहा तो हुआ शक
इसके चार दिन बाद 12 जून को गौरव जैन ने फोन पर बताया कि दोनों पॉलिसी को एक्टीवेट कराने के लिए छह लाख रुपये जमा कराने हाेंगे। इसके लिए दस दिन का समय है। इस पर संदेह हुआ। बैंक कर्मचारी से संपर्क किया तो पता चला की इन पॉलिसी में एक भी रुपया जमा नहीं हुआ है। उन पॉलिसी का कोई रिकॉर्ड भी नहीं वहां नहीं है। इसके चलते पुलिस को सूचना दी। पुलिस का कहना है कि केस दर्ज कर लिया है। मामले की छानबीन की जा रही है।