स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय।
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स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. एचके अग्रवाल ने बताया कि प्रदेश के लोगों को अब अस्पतालों में इलाज के बार-बार चक्कर काटने व घंटों इंतजार करने से छुटकारा मिलने वाला है। इसके लिए पोस्ट ग्रेजुएट इंस्टीट्यूट ऑफ डेंटल साइंसेज (पीजीआईडीएस) ने इलाज को एआई से जोड़ा है। ऐसा एआई चैटबॉट बनाया गया जो मरीज को इलाज का शेड्यूल समय के साथ देगा।
डॉ. एचके अग्रवाल ने कहा कि पूरे प्रदेश के लिए यह मॉडल बनेगा। वे डेंटल कॉलेज में सोमवार को दूसरे दिन हुई प्रोस्थोडोंटिक्स विभाग की दो दिवसीय कार्यशाला डेंचर इन ए डे में मुख्य अतिथि के तौर पर उपस्थित हुए थे। उन्होंने कहा कि पीजीआईडीएस प्रदेश का एकमात्र दंत संस्थान है जहां बिना वेटिंग लिस्ट के कम्पलीट डेंचर बनाए जा रहे हैं। इससे 70-80 साल के बुजुर्गों को लाभ मिलेगा।
कहा, एआई ही बता देगा कि कब व कितनी देर के लिए आना है। इसके लिए कॉलेज में प्रदेश के 150 चिकित्सकों को प्रशिक्षण दिया गया। डेंटल कॉलेज की प्राचार्य डॉ. मनु राठी ने बताया कि इस एआई चैटबॉट से बुजुर्ग मरीजों को काफी राहत मिलेगी। फिलहाल, मरीजों को बस का किराया, साथ में तीमारदार व शरीर की तकलीफ अलग सहित कई परेशानी झेलकर अस्पताल में आना पड़ता है।
कॉलेज में सिर्फ दांत ही नहीं बल्कि मैक्सिलोफेशियल प्रोस्थेसिस के तहत आर्टिफिशियल आंख, नाक, कान और उंगलियां भी बनाई जाती हैं। एआई मरीज का पूरा एनालिसिस भी ऑनलाइन कर देगा। एआई बता देगा कि इलाज के बाद मरीज संतुष्ट था या नहीं।