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Rohtak News: यशपाल को पीजीआई से निजी अस्पताल में ले गए परिजन, बोले- नहीं चाहिए पुलिस सुरक्षा

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रोहतक। आसन गोलीकांड सुलझने की जगह उलझता जा रहा है। परिजन मंगलवार को मंगलवार को घायल यशपाल को पीजीआई से सनसिटी स्थित निजी अस्पताल ले गए। पिता वेदपाल का कहना है कि पहले बेटे की जान बचा लूं, इसके बाद पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) और पुलिस अधीक्षक एसपी से मिलकर न्याय मांगा जाएगा।
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आसन निवासी यशपाल के पिता वेदपाल का आरोप है कि पुलिस उसके बेटे को फंसा रही है। यशपाल को गोली अपनी गाड़ी में डालने के बाद मारी है। मौके पर गोली, खून या किसी तरह की बात सामने नहीं आई है। यही नहीं, उसे गोली भी बेहद करीब से मारी गई है। उसकी हालत गंभीर बनी हुई है। इसके बावजूद परिवार को उससे बात करना तो दूर मिलने तक नहीं दिया जा रहा था। वह रविवार को बड़ी मुश्किल से उससे मिलने गया था। यहां पांच मिनट से ज्यादा रुकने नहीं दिया। उसके चारों को पुलिस के जवान तैनात थे। मंगलवार को वे बेटे को पीजीआई से सनसिटी स्थित निजी अस्पताल में लेकर आए हैं। यहीं पर उपचार करवाएंगे। बेटे की हालत खतरे से बाहर आने के बाद आईजी व एसपी से मिलकर न्याय मांगा जाएगा।
यह है मामला
आसन गांव में सात अप्रैल की रात एक युवक को गोली मारने का मामला सामने आया। शुरू में पुलिस मुठभेड़ में युवक को गोली लगने की बात सामने आई थी। सोनीपत पुलिस आसन में किसी युवक को पकड़ने पहुंची थी। रोहतक पुलिस की सीआईए टू टीम उनके साथ थी। बाद में आठ अप्रैल को पुलिस ने पीजीआई में उपचाराधीन आसन निवासी यशपाल के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। उसके गले में गोली थी। इसके लिए पुलिस ने उस पर सरकारी काम में बाधा डालने, मारपीट करने व पिस्तौल छीनने का आरोप लगाया था। परिजन पुलिस की कहानी पर सवाल खड़े कर रहे हैं।
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बेटे को पीजीआई से निजी अस्पताल में लेकर आए हैं। पुलिस सुरक्षा नहीं चाहिए। बेटे की हालत अभी खतरे से बाहर नहीं है। पहले बेटे की जान बचा लूं, इसके बाद इंसाफ की लड़ाई लड़ी जाएगी।
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वेदपाल, पिता घायल यशपाल निवासी आसन
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