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एमडीयू में रंग महोत्सव, हीर रांझा की पाक महोब्बत की दिखी दास्तां

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एमडीयू में आयोजित रंग महोत्सव के दौरान दृष्य कला विभाग में महिला को बैठकार पोर्टेट बनाते मेहमान ?
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एमडीयू में रंग महोत्सव के चौथे दिन मंगलवार को राधा-कृष्णन सभागार में हिसार की स्वांग मंडली ने स्वांग शैली में हीर-रांझा नाटक का मंचन किया। नाटक के माध्यम से स्वांग मंडली ने हीर रांझा की पाक मोहब्बत की दास्तां को बयां किया। बाबा बारिश शाह पर आधारित इस नाटक का मंचन अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त डायरेक्टर डॉ. सतीश कश्यप ने किया। नाटक में डॉ. सतीश कश्यप, तमन्ना, राजेश, अनिल सैनी, संजना, प्रणव, विकास मेहता, रोहित बच्ची, साहिल बाजवा, दक्ष मल्होत्रा और राम नारायण ने अपने अभिनय की अनूठी छाप छोड़ी दर्शकों पर।
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इस दौरान नारी मन की व्यथा, नारी जीवन का संघर्ष, इस संघर्ष से उपजी सृजनात्मकता के विविध आयामों पर रंग कलम साहित्योत्सव में गहन मंथन हुआ। हरियाणा की लेखिकाओं ने यहां अपने विचार साझा किये। इसके साथ ही रंग व्यंजन कार्यशाला में प्रतिभागियों ने स्वादिष्ट, कुरकुरे कुकीज और दिलकश पेय पदार्थ मॉकटेल बनाना सीखा। इसी कड़ी में टैगोर सभागार में कलाकारों ने पियानो और वायलिन का जलवा बिखेरा, लेकिन खाली कुर्सियों ने कम होते शास्त्रीय संगीत के श्रोताओं की दास्तां बयां की।
रंग रास : भाभी के ताने से आहत रांझा बना चरवाहा
हीर-रांझे की कहानी शुरू तब होती है जब एक दिन गवैया रांझे की भाभी उसे ताना मारते हुए कहती है, ऐसा ही पगला है तो हीर से शादी करके दिखा। हीर वो जिसके हुस्न और खूबसूरती के चर्चे आम होते थे। ताने से आहत रांझा हीर के घर चरवाहा बन जाता है और हीर रांझे के प्यार के चर्चाएं हर गली-मोहल्ले में सुनी जाने लगी। हीर के भाई पटमल को जैसे ही पता चला उसने हीर की शादी कहीं ओर करा दी, लेकिन रांझे की दीवानी हीर कभी दूसरे आदमी को पति की जगह न दे सकी। आहत पटमल ने धोखे से हीर को जहर पिला दिया, इसी के साथ परदा गिर जाता है।
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रंग कलम : जीवन का दर्द समेटे है स्त्री लेखन
स्त्री लेखन स्त्री जीवन का दर्द समेटे रहता है। कवियित्री डॉ. रश्मि बजाज नेे स्त्री लेखन को सामाजिक जीवन के भेदभाव व विषमताओं के प्रति उपजा क्रोध का सौंदर्यशास्त्र करार दिया। खानपुर कलां की पूर्व कुलपति डॉ. आशा काद्यान मुख्य अतिथि रही।
रंग व्यंजन : दिलकश मॉकटेल के हुए दिवाने
रंग व्यंजन कार्यशाला में रजिस्ट्रार प्रो. गुलशन लाल तनेजा ने पेय पदार्थों के सममिश्रण से लाजवाब मॉकटेल बनाने सीखे। मॉकटेल एक्सपर्ट आकाश नेे विर्जिन कोलाडा, विर्जिन मैरी, हवाइएन पंच, ट्रिपल फेयर, सन राइज, सिंड्रेला, विर्जिन मोहितो, मिक्सड फ्रूट फ्लोट मॉकटेल्स बनाए। शेफ तरूण वशिष्ठ ने स्वादिष्ट और पौष्टिक क्रंची चोको चिप्स, ऑट मील्स कुकीज डो, कॉफी कुकीज, चॉकलेट चिप्स कुकीज, चॉकलेट ब्राउनी कुकीज बनाई गई। मॉडल स्कूल की प्रधानाचार्या डॉ. अरुणा तनेजा व एमडीयू के चीफ वार्डन बॉयज प्रो. रणदीप राणा विशिष्ट अतिथि रहे।

एमडीयू में आयोजित रंग महोत्सव में आरके सभागार में आयोजित नाटक का मंचन करते कलाकर। अमर उजाला

एमडीयू में आयोजित रंग महोत्सव में आरके सभागार में आयोजित नाटक हीर राझा का मंचन करते कलाकर। अमर उ?

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