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राम रहीम ने मांगी इमरजेंसी पैरोल, मां की बीमारी का दिया हवाला

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यौन शोषण के मामले में सुनारिया जेल में बंद डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम ने सोमवार को एक बार फिर जेल से बाहर निकलने के लिए पैरोल मांगा है। इससे पहले भी राम रहीम यह कोशिश कर चुका है, लेकिन स्थानीय रिपोर्ट के चलते उसे पैरोल देने से इनकार कर दिया गया।
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25 अगस्त, 2017 से राम रहीम सलाखों के पीछे है। इसी दिन पंचकूला स्थित सीबीआई की विशेष अदालत ने राम रहीम को साध्वियों से दुष्कर्म के मामले में दोषी करार दिया था। सूत्रों का कहना है कि सोमवार (17 मई) को गुरमीत राम रहीम ने सुनारिया जेल अधीक्षक सुनील सांगवान को पैरोल के लिए आवेदन किया है।
वहीं छह दिन पहले राम रहीम का स्वास्थ्य खराब होने के चलते कड़ी सुरक्षा के बीच उसे पीजीआई रोहतक में उपचार के लिए शिफ्ट किया गया था। जहां पर 21 घंटे की चिकित्सकीय जांच के बाद उसे दोबारा से सुनारिया जेल भेजा गया था। अब राम रहीम ने अपनी मां के बीमार होने का हवाला देते हुए इमरजेंसी पैरोल की मांग की है। पिछले साल राम रहीम को एक दिन की पैरोल दी गई थी। उसे कड़ी सुरक्षा और बहुत ही गोपनीय तरीके से गुरुग्राम के मेदांता (मेडिसिटी) में ले जाया गया था। इससे पहले भी अपनी मां की बीमारी की दुहाई देते हुए वह पैरोल की मांग कर चुका है, लेकिन उसके आवेदन को रद्द कर दिया गया था। परिवार में शादी-समारोह के लिए भी पैरोल मांगी गई थी, लेकिन उस समय भी उन्हें राहत नहीं मिली। अब कोरोना काल के बीच राम रहीम ने अपनी बीमार मां का हवाला देते हुए जेल अधीक्षक सुनील सांगवान को आवेदन देकर पैरोल मांगी है। जेल प्रशासन की ओर से इस बात की जानकारी प्रदेश सरकार को दे दी गई है। इसके साथ ही रोहतक व सिरसा के डीसी और एसपी से भी रिपोर्ट मांगी गई है। अब दोनों जिलों के अधिकारियों की रिपोर्ट के बाद ही अगला फैसला होगा।
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