02जेएनडी29- मालवी गांव में जमा बरसाती पानी। संवाद
जुलाना। क्षेत्र के गांवों में जलभराव के कारण किसानों की चिंता बढ़ गई है। जिले के 13 गांव में 3400 एकड़ जलमग्न हो गई है। मालवी गांव में सबसे ज्यादा दो हजार एकड़ खेतों में जलभराव हो गया है। पानी की निकासी के लिए पंप सेट भी लगाए गए हैं लेकिन निकासी नहीं हो पाई है।
मालवी गांव में पानी निकालने के लिए नौ पंप सेट भी लगाए गए हैं लेकिन बारिश से खेतों में तीन फीट तक जलभराव हो गया। झमोला गांव में लगभग 500 एकड़ में जलभराव है। पानी निकासी के लिए तीन पंप लगाए गए हैं। निकासी की व्यवस्था तो कर दी गई है लेकिन ड्रेन ओवरफ्लो होने के कारण निकासी नहीं हो पा रही है।
करेला में लगभग 300 एकड़ खेतों में जलभराव है। विधायक विनेश फोगाट की सुसराल खेड़ा बख्ता गांव में लगभग 400 एकड़ में जलभराव है। निकासी के लिए केवल एक ही पंप सेट लगा हुआ है। विधायक विनेश फोगाट ने विधानसभा में तो जलभराव का मुद्दा भी उठाया था। इसके अलावा देवरड़ 300 एकड़, खरेंटी में 300 एकड़, बराड़ खेड़ा गांव में 400 एकड़, बुआना में 200 एकड़ में जलभराव हुआ है।
निकासी के लिए 120 पंप रिमुएबल और 42 पंप अलग अलग पंप हाउस पर दिन रात चल रहे हैं। यदि बरसात का सिलसिला ऐसे ही जारी रहा तो फसल खराब हो जाएगी। किसानों की मांग है कि क्षर्तिपूर्ति पोर्टल को खोला जाए ताकि वो अपनी खराब हुई फसलों का पंजीकरण कर सकें। बार बार शिकायत देने के बाद भी पोर्टल को नहीं खोला जा रहा है।