रोहतक। कोर्ट परिसर के बाहर हिसार निवासी एक रेलकर्मी को तीन गोलियां चलाकर घायल कर दिया गया। रेलकर्मी मई माह में हिसार में हुई हत्या के मामले में जेल में बंद पिता और भाई की पैरवी के लिए अधिवक्ता से मिलने आया था। गोली मारने वाले दूसरे पक्ष के लोग थे। घटना से इलाके में अफरा तफरी मच गई। वारदात की सूचना मिलते ही आर्य नगर व सिविल लाइन थाना पुलिस मौके पर पहुंची और घायल को तुरंत इलाज के लिए पीजीआई ले जाया गया। जहां वह उपचाराधीन है। पुलिस मामले की आगामी कार्रवाई में जुट गई है।
पुलिस के अनुसार हिसार की शिव कॉलोनी निवासी सुनील (25) रेलवे में कार्यरत है। शुक्रवार शाम वह अपने मामा गुलाब और एक अन्य साथी राजू के साथ रोहतक में अधिवक्ता मोहित वर्मा से मिलने आया था। रात करीब आठ बजे अधिवक्ता से मिलने के बाद वह तीनों बाहर आए। उन्होंने देखा कि गाड़ी में पंचर है। दुकान खुली नहीं मिलने पर वह तीनों पहिया बदलने लगे। इसी दौरान बाइक सवार दो हमलावर आए, जो मुंह पर कपड़ा लपटे थे। उनका एक साथी कुछ दूर खड़ा था। हमलावरों ने पीछे से आकर एक के बाद एक तीन राउंड फायर किए। इसमें एक गोली सुनील के पेट में जा लगी और वह खून से लथपथ हालत में जमीन पर गिर पड़ा। सुनील के मामा गुलाब ने हमलावरों को पकड़ने के लिए पीछा किया, लेकिन हमलावरों ने उस पर भी पिस्तौल तान दी और वहां से फरार हो गए।
पुलिस जांच में पता चला कि सुनील पक्ष की हिसार में बिजेंद्र उर्फ बिंदर पक्ष के साथ विवाद चल रहा है। हत्या के एक मामले में सुनील का पिता ईश्वर और भाई रविंद्र जेल में बंद है। उनकी पैरवी के लिए वह रोहतक में अधिवक्ता से बातचीत करने के लिए आए थे। आशंका है कि इसी विवाद के चलते ही वारदात को अंजाम दिया गया है। फिलहाल पुलिस की जांच जारी है।
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14 मई को हिसार में हत्या के बाद से शुरू हुई रंजिश
हिसार की शिव कॉलोनी निवासी बिजेंद्र उर्फ बिंदर ने 14 मई को हिसार के एचटीएम थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया था कि वह अपने भाई सुुंदर उर्फ सुनील व सोनू के साथ जिंदल फैक्टरी की तरफ जा रहा था। शिव कॉलोनी में पहुंचते ही सामने से ट्रैक्टर आया, जिसे ईश्वर का बेटा रविंद्र चला रहा था। कार निकालने को लेकर उनके बीच झगड़ा हो गया था। तभी ईश्वर के घर से पांच-छह व्यक्ति लाठी-डंडे लेकर बाहर आ गए, जिन्होंने सुंदर उर्फ सुनील के सिर पर लाठी से हमला कर दिया। इसमें उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई थी। शिकायत के बाद एचटीएम थाना पुलिस ने ईश्वर और उसके बेटे समेत कई अन्य पर हत्या सहित अन्य धाराओं में केस दर्ज किया था। हालांकि बिजेंद्र ने शिकायत में यह भी बताया था कि उसने मौके पर अपने बचाव में तीन से चार हवाई फायर भी किए थे। जिसके बाद ही आरोपी मौके से फरार हुए थे।
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दूसरे पक्ष ने भी 16 मई को दी थी शिकायत
ईश्वर पक्ष की ओर से 16 मई को शिकायत दर्ज कराई गई। इसमें बताया कि वह अपने छोटी बेटी किरण के ससुराल से गेहूं लेकर आए थे। गेहूं उतारने के बाद छोटा बेटा रविंद्र ट्रैक्टर को घर के पीछे खाली प्लॉट में खड़ा करने जा रहा था। तभी कार सवार बिजेंद्र और उसके भाइयों ने रविंद्र के साथ मारपीट कर दी थी। शोर सुनकर वह मौके पर पहुंचे तो उन्होंने पिस्तौल निकालकर उन पर फायरिंग कर दी थी। इसमें एक गोली ईश्वर को लगी थी, जबकि दूसरी संजय को लगी। पुलिस ने शिकायत के आधार पर चार लोगों के खिलाफ हत्या के प्रयास सहित अन्य धाराओं में केस दर्ज किया था।
कोर्ट के पास गोली लगने से घायल सुनील को इलाज के लिए पीजीआई में लाया गया जानकारी लेती पुलिस।- फोटो : RohtakCity