हेल्थ यूनिवर्सिटी में शनिवार को एमबीबीएस और बीडीएस की काउंसिलिंग के दौरान जमकर हंगामा हुआ। काउंसिलिंग के दौरान ओरिजनल डॉक्यूमेंट्स जमा करने की शर्त को लेकर उम्मीदवारों और अभिभावकों ने हंगामा किया। उम्मीदवारों का कहना था कि प्रवेश मिलने के बाद डॉक्यूमेंट्स जमा करने के लिए हेल्थ यूनिवर्सिटी को कुछ समय देना चाहिए।
वहीं हेल्थ यूनिवर्सिटी के परीक्षा नियंत्रक की मानें तो ओरिजनल डॉक्यूमेंट्स नियमानुसार मांगे जा रहे हैं। अब ऐसे में कई उम्मीदवार अन्य यूनिवर्सिटी में एडमिशन की चाहत में कई जगह अप्लाई करते हैं। ऐसे में उनके इंतजार में सीटें खाली रह जाती हैं और फिर बार-बार काउंसिलिंग कराना भी संभव नहीं है।
शनिवार निदेशक कार्यालय में सरकारी एवं सरकार से अनुदान प्राप्त कॉलेजों में सत्र 2015 के लिए एमबीबीएस और बीडीएस की सभी श्रेणियों के साथ एनआरआई की रिक्त सीटों के लिए द्वितीय काउंसिलिंग की गई। इसका दिशा निर्देशन कुल सचिव डॉ. सरला हुड्डा ने किया। कुल सचिव डॉ. सरला हुड्डा ने बताया काउंसिलिंग पूर्णतया मेरिट के आधार पर की गई। यहां उम्मीदवारों के मूल दस्तावेजों की जांच भी की गई।
इसमें नए कॉलेज इम्प्लाइज स्टेट इंश्योरेंस कॉर्पोरेशन मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल फरीदाबाद की 82 एमबीबीएस सीटों के लिए भी काउंसिलिंग की गई। इस अवसर पर कार्यकारी निदेशक डॉ. वीणा गहलोत, डीन डॉ. के.बी. गुप्ता, पीजीआईडीएस प्राचार्य डॉ. संजय तिवारी, डॉ. एम.सी. गुप्ता, डॉ. पुष्पा दहिया व डॉ. सुरेश कांता सहित कई अधिकारी मौजूद रहे।
अव्यवस्थाओं से परेशान रहे अभिभावक
काउंसिलिंग के दौरान उम्मीदवार और अभिभावक को अव्यवस्थाओं से जूझना पड़ा। वेटिंग के लिए उनको न बैठने का इंतजाम था न खाने-पीने की व्यवस्था। वहीं बीच-बीच में आक्रोशित होने के चलते पुलिस प्रशासन ने भी दिन भर मोर्चा संभाले रखा।
बोले अधिकारी
सेम डे ऑरिजनल डॉक्यूमेंट नियमानुसार मांगा जा रहा है। यदि ऐसा नहीं करते तो कई सीटें खाली रह जाती है। एक उम्मीदवार दो-दो जगह प्रवेश ले लेता है, फिर बाद में मुसीबत होती है। इसमें रियायत की कोई गुंजाइश नहीं है।
- डॉ. संजय कुमार, परीक्षा नियंत्रक, हेल्थ यूनिवर्सिटी रोहतक।