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महंत के निधन के साथ ही गुरुद्वारे में गुटबाजी

Sun, 27 Sep 2015 02:19 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक
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टिकाणा साहब गुरुद्वारा के महंत परमजीत की अभी तक क्रिया भी नहीं हुई है कि गुरुद्वारे में गुटबाजी शुरू हो गई।
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शनिवार को दो पक्ष आमने-सामने आ गए।

जहां एक पक्ष ने मौजूदा महंत अमृतपाल पर सोते हुए तड़के हथौड़े से हमला करने का आरोप लगाया।

वहीं, दूसरे पक्ष ने तीन दिन पहले पूर्व महंत परमजीत के निजी कक्ष में बने लॉकर को तोड़कर चोरी करने का आरोप लगाया।

विवाद इतना बढ़ गया कि शनिवार सुबह मामला पुलिस तक पहुंच गया। गुरुद्वारे के एक ज्ञानी को पुलिस शहर थाना लेक र आ गई।

इसके बाद गुरुद्वारे में विवाद को सुलझाने के लिए महिला पुलिस भी तैनात कर दी गई। फिर प्रदेशभर के सिख धर्म गुरुओं की मौजूदगी में अमृतपाल (दिल्ली) को गुरुद्वारे का महंत बनाए रखने का निर्णय लिया गया।

इसकी पुष्टि बांग्ला साहिब गुरुद्वारा के प्रधान अवतार सिंह कोचर उर्फ डोली ने की है। फिर मामला शांत हुआ। विवाद की सूचना मिलने पर राज्यसभा सदस्य शादीलाल बतरा भी गुरुद्वारा पहुंचे। उन्होंने कुछ देर तक महंत अमृतपाल सिंह से बात की और चले गए।
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दरअसल, यदि महंत अमृतपाल पक्ष की मानें तो अमृतपाल तड़के अपने निजी कक्ष में सो रहे थे। करीब 4 बजे उनके कक्ष में एक सेवादारनी पहुंची। आरोप है कि सेवादारनी ने महंत पर हथौड़े से हमला किया, लेकिन महंत बच गए और उन्होंने शोर मचा दिया। तब सभी सेवादार इकट्ठा हो गए। जानकारी के मुताबिक सेवादारनी के साथ हमले में एक ज्ञानी भी शामिल था। कुछ ही देर में दोनों पक्ष के लोग आमने सामने हो गए। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर एक ज्ञानी को हिरासत में ले लिया। वहीं, दूसरे पक्ष की बात की जाए तो थाने पहुंचे ज्ञानी ने बताया कि मैं अपने कक्ष में सो रहा था। तभी तड़के करीब 4 बजे गुरुद्वारे में हंगामा हो गया। सेवादारों ने मुझे कक्ष में आकर मामले की जानकारी दी। इस पर ज्ञानी मौके पर पहुंचे तो महंत पक्ष के लोगों ने उन्हीं पर हमले के आरोप जड़ दिये।
3 दिन पहले टूटा था महंत परमजीत का लॉकर- ज्ञानी
सिटी थाने पहुंचे ज्ञानी ने चौंकाने वाला खुलासा किया। उन्होंने बताया कि 20 सितंबर को संगत की मौजूदगी में मैंने महंत अमृतपाल को पूर्व महंत के निजी कक्ष व लॉकर की चाबी सौंप दी थी। ज्ञानी ने आरोप लगाया कि तीन दिन पहले पूर्व महंत के निजी कक्ष का ताला तोड़कर उनके लॉकर को तोड़ दिया गया। सेवादारनी की अलमारी का भी ताला तोड़ा। जब इसका विरोध किया गया तो मेरी आवाज दबा दी गई। ज्ञानी ने कहा कि पूर्व महंत परमजीत भी नहीं चाहते थे कि अमृतपाल को उनका उत्तराधिकारी बनाया जाए और न ही मैं चाहता हूं। हालांकि उन्होंने कहा कि संगत जो भी फै सला लेगी वह मंजूर होगा। ज्ञानी को सुबह साढ़े 9 बजे से दोपहर साढ़े बारह बजे तक सिटी थाने में हिरासत में रखा गया।
दो घंटे की बैठक के बाद निपटारा  
विवाद बढ़ने के बाद विभिन्न धर्म गुरुओं और गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के सदस्यों की करीब दो घंटे तक बैठक हुई। बैठक में बांग्ला साहिब गुरुद्वारा के प्रधान अवतार सिंह कोचर उर्फ ढोली ने कहा कि गुरुद्वारे के महंत को सर्वसम्मति से बनाने को लेकर थोड़ी गलतफहमी हो गई थी। गुरुद्वारे में किसी के बीच कोई विवाद नहीं हुआ। अब महंत अमृतपाल को महंत बनाया गया है। उन्होंने कहा कि महंत पर हथौडे़ से हमला करने की बात में कोई सच्चाई नहीं है। फिर गुरुद्वारे से कुछ लोग सिटी थाने में पहुंचे। यहां उन्होंने ज्ञानी के खिलाफ दी गई शिकायत को वापस लिया और समझौते पर हस्ताक्षर किए।
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आज होगी रस्म पगड़ी
गुरुद्वारे में पूर्व महंत परमजीत की रविवार सुबह 8 से 10 बजे तक रस्म पगड़ी की जाएगी। विवाद निपटाने के लिए कलानौर से संत हरपाल दास, हरनाम सिंह, यमुनानगर से महंत कर्मबीर सिंह, करनाल से जोगिंद्र सिंह, रेवाड़ी से संत तलविंदर सिंह और लाखनमाजरा गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के हरजिंदर सिंह सहित अन्य सदस्य मौजूद रहे।
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