रोहतक। स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय के कुलपति की नियुक्ति प्रक्रिया एक माह से अटकी हुई है। आवेदन के बाद सर्च कमेटी भी बन चुकी है। इसके बाद से उम्मीदवारों को साक्षात्कार का इंतजार है। साक्षात्कार का मुद्दा कैंपस में चर्चा का विषय बना हुआ है। साक्षात्कार के लिए पत्र जारी नहीं होने को लेकर ईसी की बैठक कर सर्च कमेटी के लिए दो सदस्यों का चुनना सवाल खड़े कर रहा है। इस बैठक में कुलपति पद के दावेदार भी शामिल बताए गए हैं जबकि यह नियमों के विरुद्ध है। विवि प्रशासन ने इस बारे में कुछ भी कहने से परहेज बरता है।
डीएमईआर (डायरेक्टर मेडिकल एजुकेशन एंड रिसर्च) की ओर से कुलपति की नियुक्ति प्रक्रिया चलाई गई है। इसके तहत कुलपति के आवेदन हो चुके हैं। इसमें संस्थान से छह नाम शामिल हैं। करीब दस नाम प्रदेश व अन्य इलाकों से भी बताए जा रहे हैं।
संस्थान के छह उम्मीदवार दो धड़ों में बंटे हैं। दोनाें ही ओर से अपने एक-एक उम्मीदवार की दावेदारी जताई जा रही है। यही नहीं, कुलपति बनने की दौड़ में जान पहचान व सिफारिश का जुगाड़ भी लगाया जा रहा है।
इससे इतर आवेदन आने के बाद से नियुक्ति प्रक्रिया थम सी गई है। साक्षात्कार के लिए पत्र जारी नहीं होने से कैंपस में भी चर्चा गरमाई हुई है। सर्च कमेटी पर भी सवाल उठाने लगे हैं।
विवि के सूत्रों के अनुसार, नियमानुसार कुलपति नियुक्ति के लिए सर्च कमेटी के तीन में दो सदस्य विवि को चुनकर देने थे। इसके लिए विवि में पिछले दिनों ईसी (कार्यकारी परिषद) की विशेष बैठक बुलाई गई। इसमें कुलपति पद के लिए आवेदन करने वाले चार सदस्य भी शामिल रहे।
इन्होंने सर्च कमेटी के लिए दो सदस्यों का नाम चुनकर ऊपर भेज दिया जबकि उम्मीदवारों को बैठक में शामिल नहीं होना चाहिए था। ऐसे में सर्च कमेटी सवालों के घेरे में नजर आ रही है। शायद यही वजह है कि अब तक साक्षात्कार के लिए पत्र जारी नहीं हुए हैं। इससे नियुक्ति प्रक्रिया धीमी हो गई है।
यह रफ्तार कुछ उम्मीदवारों की सांसें फुलाने का काम कर रही है। साक्षात्कार में देरी होने से कुछ उम्मीदवार कुलपति का सपना संजोए हुए ही सेवानिवृत्त हो जाएंगे।