माई सिटी रिपोर्टर
रोह्रतक। एडीजीपी पूरण कुमार के गनमैन सुशील की गिरफ्तारी कहां से हुई, यह सवाल कई स्थानीय पुलिसकर्मियों की नींद उड़ाए हुए है। कारण चंडीगढ़ पुलिस की एसआईटी है। वह पता करेगी कि पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार उसे रोहतक से पकड़ा गया था तो उसकी पिस्टल कुमार के पास चंडीगढ़ कैसे पहुंच गई?
एडीजीपी पूरण कुमार ने गनमैन की ही सरकारी पिस्टल से सुसाइड किया था। मंगलवार को एएसआई संदीप लाठर ने भी सुसाइड से पहले पुलिस व परिजनों को भेजे वीडियो में कहा था कि गनमैन को गिरफ्तार करने वाली टीम में वह भी शामिल थे। बताते हैं कि लोकेशन संदीप ने ही ट्रेस की थी।
संदीप की बात से ऐसा भी ध्वनित हुआ कि गिरफ्तारी ''''कहीं और से'''' हुई थी। हालांकि, वीडियो में जगह का जिक्र नहीं है। यह जरूर कहा कि सुशील की गिरफ्तारी के वक्त कार में ड्राइवर नरेंद्र भी था। दावा किया था कि रास्ते में सुशील ने बताया था कि रिश्वत की रकम कार के डैशबोर्ड में छूट गई है।
अगर संदीप का यह दावा सही है तो सवाल उठता है कि रोहतक पुलिस ने कार को पकड़कर तलाशी क्यों नहीं ली? रकम जब्त क्यों नहीं की? कहीं ऐसा तो नहीं कि सुशील ने कार में ही पिस्टल छोड़ दी हो, जिसे ड्राइवर ने चंडीगढ़ में एडीजीपी पूरण कुमार तक पहुंचा दी?
बहरहाल, संदीप की बातों, कयासों और आशंकाओं में कितनी सच्चाई है, इसका पता तो प्रकरण की जांच कर रहे डीएसपी गुलाब सिंह और चंडीगढ़ की एसआईटी ही बताएगी।
वहीं, संदीप के सुसाइड के बाद ऐसी चर्चा भी तेजी से फैली कि शराब कारोबारी संदीप बंसल से मंथली मांगने के आरोपी गनमैन पर एफआईआर व गिरफ्तारी को लेकर एसआईटी ने पूछताछ के लिए संदीप को बुलाया था। इसी कारण पूरे महकमे की नींद उड़ी हुई है।
इस बारे में पुलिस के एक अधिकारी ने नाम न छापने के अनुरोध पर संदीप को पूछताछ के लिए बुलाए जाने की बात का खंडन किया। बाकी सवालों पर चुप्पी साध ली।