हरियाणा पंजाबी जागृति मंच ने शनिवार को डबल पार्क में कार्यकर्ता सम्मेलन
का आयोजन किया। इसमें निर्णय लिया गया कि पंजाबी समुदाय के हकों को हासिल
करने के लिए 15 दिसंबर को रोहतक में एक ऐतिहासिक पंजाबी रैली की जाएगी।
पूर्व
मंत्री सुभाष बत्तरा ने कहा कि पंजाबी जागृति एकता मंच के बैनर तले होने
वाली इस जन एकता रैली में पूर्व सेनाध्यक्ष जरनल वीके सिंह, अश्विनी चोपड़ा
और राज्यसभा सांसद केडी सिंह मुख्य अतिथि होंगे। उन्होंने दावा किया कि इस
रैली के बाद प्रदेश की राजनीतिक फिजा पूरी तरह से बदल जाएगी।
बत्तरा
ने पंजाबी कार्यकर्त्ता सम्मेलन के बाद पत्रकारों से बातचीत की। उन्होंने
कहा कि पंजाबी समुदाय की उपेक्षा से पूरे प्रदेश के लोगों में रोष है।
बत्तरा ने कहा कि सभी सरकारों ने पंजाबियों को मुखौटे के तौर पर इस्तेमाल
तो किया, लेकिन हक किसी ने नहीं दिया। प्रदेश में पंजाबी 33 प्रतिशत हैं,
लेकिन नौकरियों में पंजाबी बिरादरी का स्थान एक प्रतिशत से भी कम है।
राजनीति में भी एक साजिश के तहत पंजाबियों को हाशिये पर लाकर खड़ा कर दिया
गया है।
खेमका के समर्थन में उतरा पंजाबी समुदाय
बत्तरा ने कहा
कि कांग्रेस के संरक्षण में सेमी इनेलो का ही शासन चल रहा है। उन्होंने कहा
कि इनेलो द्वारा कंडम किए गए नेता कांग्रेस में मलाई खा रहे हैं, जबकि
पुराने कांग्रेसी खुद को ठगा सा महसूस कर रहे हैं। सुभाष बत्तरा ने कहा कि
आईएएस अशोक खेमका को चार्जशीट करना एक बड़ा अनैतिक कदम है। आईएएस एसोसिएशन
को इसका कड़ा संज्ञान लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि अगर खेमका की प्रताड़ना
बंद नहीं की गई तो पंजाबी समुदाय किसी भी हद तक जाने को तैयार है।
रोहतक में भी समान विकास नहीं : बत्तरा
बत्तरा
ने आरोप लगाया कि रोहतक शहर को विकास के नाम पर तीन हिस्सों में बांट दिया
गया है। एक हिस्सा गोहाना स्टैंड से माता दरवाजा, एक हिस्सा गोहाना अड्डा
से लेकर अंबेडकर चौक और तीसरा हिस्सा अंबेडकर चौक से मेडिकल चौक। अंबेडकर
चौक से मेडिकल चौक तक का ही विकास हुआ है। सम्मेलन में हरियाणा पंजाबी
जागृति मंच के महासचिव हरीश आजाद, मदनलाल धींगड़ा, वासुदेव अरोड़ा, पूर्ण
चुघ, अशोक सचदेवा, सुशील जुनेजा एडवोकेट, सीताराम सचदेवा, गौतम बत्तरा,
रोबिन सचदेवा और कपिल खन्ना आदि मौजूद रहे।