अपराध जांच शाखा की विशेष टीम ने पीजीआई से बदमाश अशोक उर्फ डोगा (35) को
भागने में मदद करने वाले उसके चार साथियों को करौंथा-बालंद रोड से गिरफ्तार
कर लिया है।
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से दो पिस्तौल, एक
कारतूस, रॉड और डंडा बरामद किया है। पुलिस ने आरोपी बलियाना निवासी दीपक
उर्फ दीपू, रविंद्र उर्फ बोरी, शादीपुर (जुलाना) निवासी सूरज उर्फ दीवाना
और वार्ड नंबर चार जुलाना निवासी नीरज को अदालत में पेश किया, जहां से
उन्हें तीन दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया।
एसपी राजेश दुग्गल ने
बताया कि देर रात सूचना मिली कि करौंथा-बालंद रोड पर चार युवक किसी वारदात
को अंजाम देने की फिराक में हैं। सूचना के आधार पर अपराध जांच शाखा प्रभारी
संदीप धनखड़ के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन कर मौके पर भेजा गया। जब
पुलिस टीम मौके पर पहुंची तो वहां पर खडे़ चार युवक खेतों की तरफ भागने
लगे।
पुलिसकर्मियों ने घेराबंदी कर चारों युवकों को धर दबोचा और
उनकी तलाशी ली तो उनके कब्जे से दो देसी पिस्तौल, एक कारतूस, रॉड और डंडा
बरामद हुआ। पुलिस चारों आरोपियों को अपराध जांच शाखा ले आई। आरोपियों ने
बताया कि उन्होंने ही नौ अक्तूबर को पीजीआई से ईनामी बदमाश डोगा को भागने
में मदद की थी।
इस मामले में पुलिस ने हवलदार महेंद्र और सिपाही
बलवान के खिलाफ लापरवाही का मामला दर्ज किया था। पुलिस ने इससे पहले डोगा
को 13 अप्रैल को गांव खरावड़ से गिरफ्तार किया था। पुलिस ने उसके साथी
आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर अदालत में पेश किया। एसपी ने बताया कि
डोगा की गिरफ्तारी के लिए अपराध जांच शाखा की विशेष टीम अलग-अलग स्थानों पर
छापेमारी कर रही है।