रोहतक। भले ही जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारी रिकॉर्ड बारिश की बात कहकर जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ रहे हैं मगर हकीकत एकदम अलग है। नगर निगम के अनुसार शहर में जबरदस्त जलभराव था और डिस्पोजल केंद्र की मोटरें 11 बजे तक चालू ही नहीं हुई थीं। कहीं मोटर खराब थी तो कहीं डीजल का टोटा था।
वीरवार की सुबह छह बजे से काफी तेज बारिश हुई जिससे शहर का हर इलाका जलमग्न हो गया। छोटूराम चौक, गोहाना अड्डा, टीबी अस्पताल के पास, रेलवे रोड, हुड्डा कॉम्प्लेक्स आदि स्थानों पर कई-कई फीट पानी भर गया। दोपहिया वाहन तो दूर की बात चौपहिया वाहन भी आधे से ज्यादा पानी में डूब गए। वहीं, कॉलोनियों के घरों और बाजारों की दुकानों के अंदर पानी भर गया। शहर में जबरदस्त जलभराव होने के बारे में जब निगम आयुक्त डॉ. नरहरि बांगड़ को पता चला तो उन्होंने तुरंत चीफ सेनेटरी इंस्पेक्टर सुंदर सिंह और हर्ष चावला को संयुक्त रूप से डिस्पोजल केंद्र की हकीकत पता करने के लिए भेजा। वहीं, संयुक्त निगम आयुक्त महेश कुमार को टीम के साथ जल निकासी कराने के लिए रवाना किया।
चीफ सेनेटरी इंस्पेक्टर ने निगम आयुक्त को रिपोर्ट देते हुए बताया कि 10.41 बजे वह अप्पू घर डिस्पोजल पर पहुंचे, जहां मौजूद पंप ऑपरेटर सतीश ने पूछने पर बताया कि डीजल नहीं होने की वजह से एसटीपी की मोटरें नहीं चलाई हैं। अभी डीजल लेकर आया है, जेनरेटर में भरने के बाद मोटरें चलेंगी। निगम के चीफ सेनेटरी इंस्पेक्टरों ने जेनरेटर में डीजल भरवाकर मोटर चालू कराया। इसके बाद हुड्डा कॉम्प्लेक्स डिस्पोजल पहुंचे, जहां सभी मोटरें बंद थी। मौके पर जनस्वास्थ्य विभाग के जूनियर इंजीनियर व एसडीओ मिले। यहां जेनरेटर खराब होने की वजह से कोई भी मोटर नहीं चल रही थी। इसके बाद टीम गुरुनानक पुरा डिस्पोजल पहुंची, जहां की मोटरें खराब होने की वजह से नहीं चल रही थीं। राहड़ रोड डिस्पोजल बंद था, जिसे संदीप नामक कर्मी ने जेनरेटर में डीजल भरकर चालू किया। पीर बोहरी का डिस्पोजल चालू हालत में मिला। इसके बाद टीम कन्हैली रोड डिस्पोजल केंद्र पहुंची, वहां पांच मोटरें लगी हुई थी। एक मोटर खराब थी और दो बंद। दो मोटरें चलती मिली। सिंहपुरा डिस्पोजल की मशीनें साढ़े ग्यारह बजे चालू की गई। मॉडल टाउन का डिस्पोजल भी निगम की टीम को चालू मिला। निगम टीम का कहना है कि जलभराव की विकट समस्या अप्पूघर, हुड्डा कॉम्प्लेक्स, गुरुनानक पुरा, राहड़ रोड डिस्पोजल केंद्र की मशीनें समय से नहीं चलने की वजह से हुई। यदि समय से जेनरेटर चलाकर मशीनों को चलाया जाता तो निश्चित ही ऐसे हालात पैदा नहीं होते।
वर्जन -
काफी तेज बारिश होने की वजह से जलभराव हुआ। डिस्पोजल की मोटरें चल रही थीं, मैंने खुद सुबह नौ बजे चेक किया है। गुरुनानक पुरा डिस्पोजल नीचे बना हुआ है, वहां की मोटरें डूबने की वजह से समस्या हुई है।
- रोहित कुमार, अधिशासी अभियंता जनस्वास्थ्य विभाग
डिस्पोजल केंद्र की मोटरें बंद थीं, जिसका फोटो के साथ रिकॉर्ड है। अप्पूघर डिस्पोजल की मशीनें बंद थीं। हुड्डा कॉम्प्लेक्स में जेनरेटर खराब था। राहड़ रोड व कन्हैली रोड डिस्पोजल बंद था, जो चालू कराया।
- सुंदर सिंह, चीफ सेनेटरी इंस्पेक्टर नगर निगम
जलभराव होने पर संयुक्त निगम आयुक्त व दोनों सीएसआई को समस्या का निदान करने भेजा। हमारी टीम के पहुंचने पर एसटीपी की मोटरें चलीं। मैनहोल को टीमें लगवाकर साफ कराया।
- डॉ. नरहरि बांगड़ निगम आयुक्त