रोहतक में एमबीबीएस विद्यार्थियों का आंदोलन खत्म।
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हरियाणा के रोहतक में बॉन्ड पॉलिसी के खिलाफ पिछले 53 दिन से संघर्षरत एमबीबीएस विद्यार्थियों का आंदोलन शनिवार दोपहर साढ़े बारह बजे समाप्त हो गया। विद्यार्थियों ने सरकार की बॉन्ड पॉलिसी के प्रति सहमति जताते हुए सोमवार से कक्षाएं लगाने का फैसला लिया है।
पीजीआई में निदेशक कार्यालय के बाहर शुक्रवार शाम को आमरण अनशन पर बैठे कोर कमेटी के सदस्यों को स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय की कुलपति डॉ. अनीता सक्सेना ने जूस पिलाकर अनशन समाप्त कराया। विद्यार्थियों को उनकी परीक्षा स्थगित करने व पढ़ाई का नुकसान पूरा करने के लिए अतिरिक्त कक्षा देने के साथ एफआईआर मामले में सरकार से बातचीत कर रास्ता निकालने का आश्वासन दिया गया है।
पीजीआई में पिछले 53 दिनों से आंदोलनरत एमबीबीएस विद्यार्थी शनिवार को जोश में नजर आए। अपनी जीत की खुशी में चहकते विद्यार्थियों में खुशी का माहौल साफ नजर आया। विद्यार्थियों की कुलपति से हुई मुलाकात के बाद अपनी मांगों के शीघ्र पूरा होने की उम्मीद विश्वास में बदल गई।
इसी के चलते विद्यार्थियों ने 54वें दिन अपना आंदोलन समाप्त कर सोमवार से कक्षाओं में लौटने का मन बनाया। इस मामले को लेकर शनिवार सुबह करीब 10:30 बजे विद्यार्थियों का एक दल पीजीआई निदेशक डॉ. एसएस लोहचब से मिलने उनके कार्यालय पहुंचा। यहां से काफी देर हुई बातचीत के बाद बाहर आए दल ने अपने संघर्ष की जीत की खबर साझा की। विद्यार्थियों ने जोरदार हूटिंग के साथ अपनी खुशी जाहिर करते हुए सार्वजनिक रूप से आंदोलन समाप्त करने की घोषणा की।
दोपहर करीब साढ़े बारह बजे कुलपति अनशन स्थल पर पहुंचीं। यहां विद्यार्थियों को जूस पिलाकर उनका अनशन समाप्त कराया और कड़ी मेहनत से पढ़ाई करने की नसीहत दी। साथ ही आंदोलन के चलते हुए पढ़ाई के नुकसान की भरपाई के लिए अतिरिक्त समय निकाल कर अध्ययन करने के लिए प्रेरित किया।
उन्होंने कहा कि देर आए, दुरुस्त आए। अब सभी पूरा ध्यान पढ़ाई में लगाएं। किसी भी विषय में कम अंक आने या फेल होने की स्थिति से बचें। संस्थान विद्यार्थियों की 26 दिसंबर से शुरू होने वाली परीक्षा स्थगित कर देगा। कक्षा के निर्धारित घंटे पढ़ाई कर विद्यार्थियों को पूरे करने होंगे। एफआईआर के बारे में सरकार से बात कर कोई रास्ता निकाला जाएगा।