17...एमडीयू के मुख्य द्वार पर अपनी मांगों को लेकर धरने पर बैठे संयुक्त छात्र संघर्ष समिति के सद
रोहतक। महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय (एमडीयू) रोहतक में कथित भ्रष्टाचार और भर्ती प्रक्रिया को लेकर छात्रों का विरोध लगातार तीसरे दिन भी जारी रहा। शनिवार को थाना प्रभारी रोशनलाल ने विश्वविद्यालय के गेट नंबर-2 पर छात्रों से मुलाकात की।
शहीद भगत सिंह छात्र संगठन के अध्यक्ष प्रदीप मोटा ने आरोप लगाया कि विश्वविद्यालय में जो भी छात्र, शिक्षक या कर्मचारी भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाते हैं, उन्हें नोटिस देकर और बाद में परिसर में प्रवेश पर प्रतिबंध लगाकर दबाने की कोशिश की जाती है। उन्होंने इसे तानाशाही रवैया करार दिया।
छात्रों ने कुलाधिपति को लिखित शिकायत भेजकर भ्रष्टाचार की जांच की मांग की है। डाॅ. आंबेडकर मिशनरीज विद्यार्थी एसोसिएशन के अध्यक्ष विक्रम सिंह डुमोलिया ने आरोप लगाया कि भर्ती प्रक्रिया में संवैधानिक प्रतिनिधित्व की अनदेखी की जा रही है।
उन्होंने रोस्टर प्रणाली और हरियाणा सरकार की नई एसओपी की अवहेलना, 1979 से पहले के रोस्टर को वेबसाइट से हटाने, 239 शिक्षकों के नाम रोस्टर रजिस्टर से गायब होने और 30-35 सेवानिवृत्त कर्मचारियों की पुनर्नियुक्ति जैसे आरोप लगाए।
एसएफआई के छात्र नेता अमित कुमार ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन के बावजूद कुलपति कार्यकाल के अंतिम समय में भर्तियां कर रहे हैं। संवाद