नगर निगम प्रपर्टी टैक्स काउंटर पर टैक्स जमा करने के लिय कतार में खडे लोग ।
रोहतक। बकाया प्रॉपर्टी टैक्स व ट्रेड लाइसेंस फीस वसूलने के लिए निगम की सख्ती का असर होने लगा है। टॉप 25 बकायेदारों में से 12 ने 10 लाख के करीब टैक्स जमा करवा दिया है। इसमें मोबाइल टावर संचालक से लेकर होटल व मैरिज पैलेस संचालक तक शामिल हैं। वहीं, निगम आयुक्त प्रदीप गोदारा का कहना है कि बकाया प्रॉपर्टी टैक्स व ट्रेड लाइसेंस फीस वसूलने के लिए अगले सप्ताह दोबारा सीलिंग अभियान चलेगा। उधर, सरकार ने 31 दिसंबर तक बकाया टैक्स जमा कराने पर ब्याज माफी व करंट बिल पर 10 प्रतिशत की छूट तक दे रखी है। इसके बावजूद 45 हजार से ज्यादा प्रॉपर्टी मालिक कई साल से अपना टैक्स जमा नहीं करवा रहे हैं। इसके कारण निगम ने सख्ती बरतने का निर्णय लिया हुआ है।
नगर निगम का 50 करोड़ से ज्यादा प्रॉपर्टी टैक्स बकाया है। जबकि 3 हजार से ज्यादा व्यापारी होने के बावजूद मात्र 500 के करीब व्यापारियों ने ट्रेड लाइसेंस लिया हुआ है। बकाया नहीं चुकाने पर पिछले सप्ताह एक दिन में निगम की टीम ने पुलिस बल को साथ लेकर छह बिल्डिंग सील कर दी थी। इसमें सिटी केबल का ऑफिस, होटल, कोचिंग सेंटर व दो टावर तक शामिल रहे। निगम की सख्ती का असर यह हुआ कि सिटी केबल संचालन कर रही कंपनी की नोएडा से टीम रोहतक पहुंची और ढाई लाख रुपये जमा करवा दिया। जबकि इतनी ही राशि पहले जमा करवाई जा चुकी है। अब कंपनी ने निगम अधिकारियों को भरोसा दिया है कि वह सब ऑपरेटर से उनके हिस्से का टैक्स लेकर जल्द निगम के खाते में जमा करवा देगी।
निगम के अधिकारियों का कहना है कि सिटी केबल की तरफ 15 लाख के करीब टैक्स बकाया बनता है। दूसरी तरफ एक होटल मालिक ने निगम को खुद अर्जी देकर दोबारा से बिल्डिंग का सर्वे करने का आग्रह किया है। ताकि दोनों पक्षों की सहमति के बाद तय राशि को जमा कराया जा सके। इस तरह टॉप 25 बिल्डिंग में से 12 बिल्डिंग मालिकों ने टैक्स जमा करवा दिया है।
सिटी नेटवर्क प्रकरण की चर्चा हर जगह
निगम के अधिकारियों का कहना है कि निगम की तरफ से कई बार सिटी नेटवर्क संचालन कर रही कंपनी के अधिकारियों को नोटिस दिया। इसके बावजूद टैक्स जमा नहीं कराया गया। जब निगम ने सिटी केबल नेटवर्क का ऑफिस सील कर दिया तो हलचल पैदा हुई। चंडीगढ़ से लेकर नोएडा तक फोन आने लग गए। यहां तक स्थानीय स्तर पर मेयर व पार्षदों ने निगम आयुक्त से बात की। कंपनी के अधिकारी आयुक्त के आवास पर भी गए। बावजूद इसके आयुक्त ने कोई राहत नहीं दी। अगले दिन नोएडा से कंपनी के अधिकारी रोहतक आए और ढाई लाख रुपये की राशि जमा करवाई। जबकि ढाई लाख पहले ही जमा करवाए जा चुके हैं। साथ ही लिखित में भरोसा दिया कि जल्द सब ऑपरेटर से बात कर अन्य बकाया भी जल्द जमा करवा देंगे। इस प्रकरण की चर्चा से बकाएदारों के सामने अब अपना बकाया जमा कराने के सिवाए दूसरा रास्ता नहीं बचा है।
अगले सप्ताह के लिए मांगी पुलिस : आयुक्त
निगम का फिलहाल पूरा फोकस बकाया टैक्स व ट्रेड लाइसेंस फीस वसूली पर है। इसके लिए अगले सप्ताह फिर सीलिंग अभियान चलेगा। इसके लिए एसपी को पत्र लिखकर फोर्स की मांग की गई है। साथ ही उम्मीद है कि एक सप्ताह में बिल्डिंग मालिक अपना बकाया टैक्स जमा करवा देंगे।
- प्रदीप गोदारा, नगर निगम आयुक्त