रोहतक। चालू वित्त वर्ष में नगर निगम प्रॉपर्टी टैक्स वसूली का लक्ष्य हासिल करने में अब नाकाम साबित हुआ है। निगम को 35 करोड़ रुपये की रिकवरी करनी थी, लेकिन शुक्रवार तक 30 करोड़ पर भी आंकड़ा नहीं पहुंच सका। डीसी एवं निगम आयुक्त अजय कुमार ने वीरवार को निगम के अधिकारियों के साथ बैठक की और शनिवार व रविवार को भी टैक्स ब्रांच को खोलने की हिदायत दी। क्योंकि 31 मार्च टैक्स में 15 प्रतिशत की छूट व ब्याज माफी की आखिरी तिथि है।
नगर निगम में प्रॉपर्टी टैक्स व विकास शुल्क आय का प्रमुख साधन है। साल 2022-23 के बजट में प्रॉपर्टी टैक्स वसूली का टारगेट 55 करोड़ रुपये रखा गया था, लेकिन निगम उसे हासिल करने में पूरी तरह नाकाम साबित हुआ। पूरे साल में 36 करोड़ के करीब टैक्स जमा हो सका। तत्कालीन मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने निगम आयुक्तों को हिदायत दी थी कि साल 2023-24 के बजट में प्रॉपर्टी टैक्स वसूली का लक्ष्य ऐसा तय करें, जो हासिल करना संभव हो सके। ऐसे में निगम प्रशासन की ओर से 35 करोड़ रुपये रिकवरी का टारगेट रखा था, लेकिन निगम टारगेट को हासिल नहीं सका है। रिकवरी बढ़ाने के लिए सरकार ने 31 मार्च तक बकाया पर पूर्ण ब्याज माफी व चालू वित्त वर्ष के टैक्स को स्वयं प्रमाणित करने पर 15 प्रतिशत की छूट दे रखी है। इसके बावजूद लोग टैक्स जमा नहीं करवा पा रहे हैं।
डीसी बोले- टैक्स जमा करने में आ रही दिक्कत दूर करें
डीसी एवं निगम आयुक्त अजय कुमार वीरवार को निगम कार्यालय में पहुंचे और अधिकारियों के साथ बैठक की। संपत्ति कर शाखा के अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि संपत्ति की सूचना स्वतः प्रमाणित करने व साल 2010-11 से लेकर 2022-23 तक के बकाया संपत्ति कर पर 15 प्रतिशत की छूट व ब्याज माफी की आखिरी तिथि 31 मार्च है। ऐसे में शनिवार व रविवार को भी काम करें और जमा आवेदनों का समाधान करें। बैठक में संयुक्त आयुक्त विजय सिंह व अंकिता वर्मा, कार्यकारी अभियंता मंदीप धनखड़ व अमित कुमार, उप निगम आयुक्त जितेन्द्र सिंह, वरिष्ठ लेखा अधिकारी देवेंद्र, सहायक नगर योजनाकार तिलक राज व सचिव नगर पालिका महम, कलानौर व सांपला भी मौजूद रहे।