रोहतक। हरियाणा के राज्यपाल एवं महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय (एमडीयू) के कुलाधिपति प्रो. असीम कुमार घोष ने कहा कि राष्ट्र की प्रगति का रास्ता स्त्री शिक्षा और महिला सशक्तीकरण से होकर गुजरता है। विश्वविद्यालयों को अपने शैक्षणिक कार्यक्रमों और नीतियों के माध्यम से महिला सशक्तीकरण, लैंगिक समता और सामाजिक जागरूकता को बढ़ावा देना चाहिए।
राज्यपाल प्रो. घोष ने यह विचार एमडीयू कुलपति प्रो. मिलाप पूनियां के साथ शनिवार को हुई चर्चा के दौरान व्यक्त किए। हरियाणा की प्रथम महिला मित्रा घोष भी उपस्थित रहीं। चर्चा में गुणवत्तापरक शिक्षा, पर्यावरण संरक्षण, सामाजिक समरसता तथा छात्र-केंद्रित पहल पर विशेष जोर दिया गया।
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कुलपति ने बताया कि विश्वविद्यालय के विभिन्न विभागों में छात्राओं की संख्या अधिक है और कई पाठ्यक्रमों में छात्राएं टॉपर रही हैं। उन्होंने कहा कि आगामी सत्र से महिला सशक्तीकरण, लैंगिक संवेदीकरण और छात्राओं के स्वास्थ्य से जुड़े विशेष कार्यक्रम एवं कार्यशालाएं आयोजित की जाएंगी।
विद्यार्थियों के लिए स्टार्टअप प्रशिक्षण कार्यक्रम भी शुरू किए जाएंगे। विश्व जैव विविधता दिवस के अवसर पर कुलपति ने राज्यपाल एवं प्रथम महिला को जेड प्लांट भेंट कर पर्यावरण संरक्षण और गो ग्रीन अभियान के प्रति विश्वविद्यालय की प्रतिबद्धता दोहराई। राज्यपाल ने अधिक से अधिक पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण को जन आंदोलन बनाने का आह्वान किया।