संवाद न्यूज एजेंसी
रोहतक। जिले के खेल जगत की हकीकत बयां करने वाली नवंबर की दर्दनाक घटना हार्दिक और अमन की बास्केटबॉल पोल गिरने से हुई मौत के बाद भी खेल सुविधाओं की स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ है। इसी को लेकर जिले के जाने-माने खिलाड़ियों के प्रतिनिधिमंडल ने जिले के मुख्य खेल परिसर छोटूराम स्टेडियम का दौरा कर हालात का आकलन किया।
मैदान की दशा देखकर खिलाड़ी स्तब्ध रह गए। उन्होंने कहा कि मैदान और ट्रैक मरम्मत की बाट जोह रहे हैं। स्टेडियम का ट्रैक, ट्रैक व फील्ड, फुटबॉल, बास्केटबॉल व वॉलीबॉल मैदान किसी भी प्रकार की खेल गतिविधि के लायक नहीं बचे हैं। चहारदीवारी टूटी हुई हैं, पास में कूड़े के ढेर लगे हैं।
मैदान के भीतर कुत्तों के झुंड घूमते रहते हैं। शौचालयों पर ताले लगे हैं ताकि बदबू बाहर न आए। कई जगह गंदा पानी जमा है और एक कोने में कूड़ा जलाया जा रहा है तो दूसरे हिस्से में नशे के इंजेक्शनों के खाली कवर बिखरे पड़े हैं। खिलाड़ियों का कहना है कि इन हालात में खेलना किसी बड़े हादसे को दावत देने जैसा है।
प्रतिनिधिमंडल ने कार्यवाहक जिला खेल अधिकारी प्रदीप गुलिया से मुलाकात कर चिंता जताई। अधिकारी ने बताया कि विभिन्न मैदानों की मरम्मत और मेंटेनेंस के लिए कई बार बजट की मांग की जा चुकी है पर अभी तक स्वीकृति नहीं मिली है। खिलाड़ियों ने कहा कि जल्द ही विभिन्न सामाजिक संगठनों और खेल प्रेमियों की बैठक बुलाकर आंदोलन की रूपरेखा तैयार की जाएगी।
प्रतिनिधिमंडल में डॉ. जगमति सांगवान, अरविंद पाल दहिया, बीना मलिक, बिमला बनवाला, रामफल फोगाट, राकेश, कुलवंत अहलावत, पूनम नेहरा उपस्थित रहे।