प्राध्यापकों ने मंगलवार को अपनी तमाम मांगों को लेकर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन कर नारेबाजी करते हुए दो दिवसीय हड़ताल शुरू कर दी। इससे जिले के 44 सीनियर सेकेंडरी स्कूलों में 9445 बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हुई। प्रवक्ताओं ने कहा कि जब तक उनकी मांगे नहीं मानी जाती तब तक वे 12वीं कक्षा की उत्तर पुस्तिकाओं की जांच नहीं करेंगे।
एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष केहर सिंह ने कहा कि सरकार द्वारा उनकी मांगों को मानने केे बाद भी उस पर आज तक अमल नहीं किया गया है। इससे प्रवक्ताओं में सरकार के प्रति रोष व्याप्त है। मंगलवार को उन्होंने सीनियर सेकेंडरी स्कूल में चल रही 12वीं क क्षा की जांच का बहिष्कार किया। सिंंह ने कहा कि 20 अप्रैल 2011 को सरकार ने उनकी सभी मांगों को मानने का आश्वासन दिया था।
लेकिन डेढ़ वर्ष बीतने के बाद भी उनकी मांगों पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। सरकार उनके पे ग्रेड को 4800 से बढ़ाकर 5400 रुपये करे, प्रधानाचार्यों का प्रमोशन 100 प्रतिशत प्राध्यापकों से ही होना चाहिए, सभी शर्तें पूरी करने वाले प्राध्यापकों को सरकारी कॉलेजों में प्रमोट कर तैनात किया जाए।
सरकार ने मांगें तुरंत न मानी तो सरकार के खिलाफ आर-पार की लड़ाई छेड़ने को मजबूर होंगे। दो दिन की हड़ताल के बाद भी यदि उनकी मांगें नहीं मानीं गईं तो प्राध्यापक आगे आंदोलन की रूपरेखा बनाएंगे। इसके बाद अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू हो सकती है।
इस मौके पर बृजराज शर्मा, अशोक बालियान, बलबीर सिंह, राजेंद्र सिंह, रघुराज सिंह, भूदेव, बुधसिंह, ओमप्रकाश, राजबीर, सुरेंद्र सिंह व परशुराम आदि मौजूद रहे।