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Rohtak News: अब एमडीयू रोहतक के कुलपति का अतिरिक्त प्रभार संभालेंगे प्रो. सोमनाथ सचदेवा

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20 प्रो. सोमनाथ सचदेवा स्रोत : एमडीयू
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संवाद न्यूज एजेंसी
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रोहतक/कुरुक्षेत्र। राज्यपाल प्रो. असीम कुमार घोष ने कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. सोमनाथ सचदेवा को एमडीयू कुलपति का अतिरिक्त प्रभार सौंपा है। वह 21 फरवरी से एमडीयू पहुंचकर अपना कार्यभार संभालेंगे। राज्यपाल प्रो. असीम कुमार घोष के यह आदेश कुलपति की नियमित नियुक्ति होने तक लागू रहेंगे।
नवनियुक्त कुलपति ने राज्यपाल व मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी का आभार जताते हुए भरोसा दिलाया है कि वह एमडीयू में शैक्षणिक गुणवत्ता, शोध उन्नयन और प्रशासनिक पारदर्शिता को मजबूत करने के लिए पूरी निष्ठा व समर्पण से कार्य करेंगे। प्रो. राजबीर सिंह का एमडीयू कुलपति का कार्यकाल शुक्रवार को पूरा हो गया है।
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एमडीयू की जिम्मेदारी चुनौतीपूर्ण : प्रो. सोमनाथ
कुलपति प्रो. सोमनाथ सचदेवा ने एमडीयू का अतिरिक्त कार्यभार मिलने पर कहा कि दोनों बड़े विश्वविद्यालयों की जिम्मेदारी निभाना निश्चित रूप से चुनौतीपूर्ण है। हर चुनौती अपने साथ समाधान भी लाती है। नई सीख के साथ बेहतर प्रयास किए जाएंगे।
कहा, पहले कुरुक्षेत्र व रोहतक के बीच दूरी अधिक महसूस होती थी। अब यह महज दो घंटे का सफर है। समन्वय, तकनीक और मजबूत टीमवर्क के जरिए दोनों विश्वविद्यालयों को प्रभावी ढंग से संभाला जा सकता है। जिम्मेदारी बड़ी है लेकिन अनुभव भी पर्याप्त है।

साढ़े पांच साल से संभाल रहे कुरुक्षेत्र विवि का दायित्व
प्रो. सचदेवा साढ़े पांच साल से कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय का दायित्व संभाल रहे हैं। इसके अलावा वह दो बार जींद के चौधरी रणबीर सिंह विश्वविद्यालय का अतिरिक्त कार्यभार संभाल चुके हैं। श्री कृष्णा आयुष विश्वविद्यालय का दायित्व भी निभाया है। उन्होंने कहा कि मेरे पास प्रशासनिक अनुभव की कोई कमी नहीं है। जहां भी जिम्मेदारी मिली, वहां संस्थान को बेहतर परिणाम देने की दिशा में काम किया।

विवादों पर बोले...दस्तावेज जांचकर सही लाभ देंगे
विश्वविद्यालय में चल रहे विवादों पर उन्होंने कहा कि किसी भी मामले में पहले दस्तावेजों की जांच की जाएगी। इसके बाद सही पात्र को लाभ दिया जाएगा। गलत के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई होगी। पारदर्शिता व निष्पक्षता से ही संस्थान मजबूत बनती है।

प्राथमिकता...गुणवत्ता, शोध व पारदर्शी प्रशासन

प्रो. सचदेवा ने कहा कि एमडीयू में शैक्षणिक गुणवत्ता, शोध गतिविधियों का विस्तार, नवाचार को बढ़ावा और प्रशासनिक पारदर्शिता प्राथमिकता रहेगी। सकारात्मक सोच और सामूहिक प्रयास से विश्वविद्यालय को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया जा सकता है। विवि समुदाय को भी उनके नेतृत्व से नई दिशा और स्थिरता की उम्मीद है।
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यूं रहा एमडीयू के पूर्व कुलपति का कार्यकाल
विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति के कार्यकाल पर नजर डालें तो प्रो. आरपी हुड्डा ने 4 दिसंबर 2007 से 3 मई 2013 तक करीब 5 वर्ष 5 माह तक कुलपति पद संभाला था। इसके बाद प्रो. राजबीर सिंह ने 7 जनवरी 2019 से 20 फरवरी 2026 तक लगभग 7 वर्ष 1 माह का लंबा कार्यकाल पूरा किया।

20 प्रो. सोमनाथ सचदेवा स्रोत : एमडीयू

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