संवाद न्यूज एजेंसी
रोहतक। ऑल रिटायर्ड कर्मचारी वेलफेयर एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र धनखड़ ने निजीकरण को जनविरोधी बताया। उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेन्द्र हुड्डा के बिजली निजीकरण पर पलटवार किया। धनखड़ ने हुड्डा से अपना कार्यकाल याद करने को कहा।
कांग्रेस सरकार के समय परिवहन, शिक्षा और जनस्वास्थ्य विभागों के निजीकरण के प्रयास हुए थे। वर्ष 2005 में निजी वोल्वो बसें चलाने पर विरोध हुआ और लाठीचार्ज भी कराया गया। वर्ष 2008 में निजी कंपनी से चालक-परिचालकों की भर्ती शुरू हुई पर यूनियनों के विरोध से सरकारी भर्ती हुई।
उन्होंने कहा कि वर्तमान में लाखों पद खाली हैं। सरकार नियमित भर्ती के बजाय कौशल रोजगार निगम से भर्तियां कर रही है। योग्य युवा बेरोजगार हैं। वहीं, रिटायर्ड कर्मचारियों की मांगों की अनदेखी हो रही है। एसोसिएशन मांगों को लेकर जन-जागरण अभियान चला रही है और आंदोलन तेज करेगी।