रोहतक। जिले में निजी बस संचालक खुलेआम नियमों की धज्जियां उड़ा रहे हैं। तय परमिट और निर्धारित रूट छोड़कर बसें दूसरे मार्गों पर दौड़ाई जा रही हैं। इससे रोडवेज की आय पर असर पड़ रहा है और यात्रियों को भी परेशानी झेलनी पड़ रही है।
अवैध संचालन रोकने के लिए रोडवेज कर्मचारियों व अधिकारियों की टीमें सप्ताह में 3-4 बार चेकिंग कर बसों को पकड़ रही हैं। आरटीओ कार्यालय की ओर से कार्रवाई के नाम पर केवल 500 रुपये का मामूली जुर्माना लगाकर बसों को छोड़ दिया जाता है। इतनी कम जुर्माने से बस संचालकों के हौसले बुलंद हैं।
रोडवेज साझा मोर्चा के वरिष्ठ सदस्य जगदीप लाठर ने कहा कि इसराना तक परमिट वाली बसें पानीपत तक जाती है। जुलाना तक परमिट वाली बसें जींद तक और बेरी तक पहुंचने वाली बसें कोसली तक संचालित हो रही हैं। वहीं बस स्टैंड पर भी अन्य रूटों की बस देखी जा रही हैं।