फोटो नंबर 71: जन्माष्टमी पर्व के दिन बाजार में फलों की खरीदारी करते ग्राहक। (संवाद)
बादली। कृष्ण जन्माष्टमी पर शुक्रवार को बादली के बाजार में दिनभर रौनक रही। महंगाई के बावजूद श्रद्धालुओं ने फल, मिठाई, फूलों की मालाएं और पूजा सामग्री की जमकर खरीदारी की। सेब 250 रुपये किलो और केले करीब 90 रुपये दर्जन तक बिके, जबकि गेंदे की माला करीब 30 रुपये में मिली।
कान्हा के भोग के लिए पंजीरी, मिठाई और मिष्ठान के साथ बादाम, चिरौंजी, गरी गोला और इलायची सहित मेवे भी महंगे रहे। दूध, मावा और चीनी के दाम बढ़ने से घर में भोग तैयार करना भी महंगा पड़ा।
दुकानदारों के अनुसार फलों के दामों में इस बार करीब 10 से 15 प्रतिशत तक बढ़ोतरी हुई है। इसके बावजूद जन्माष्टमी को लेकर लोगों के उत्साह में कमी नहीं आई। श्रद्धालुओं ने बच्चों और परिवार के लिए फल खरीदने के साथ कान्हा की पूजा के लिए जरूरी सामग्री भी खरीदी। महंगाई ने बजट जरूर बढ़ाया लेकिन आस्था पर असर नहीं पड़ा।
इस बार फलों के दामों में करीब 10 से 15 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी देखने को मिली है। कुछ फलों के भाव काफी बढ़े हैं महंगाई के बावजूद श्रद्धालुओं ने अपनी जरूरत के अनुसार फल और पूजा सामग्री की खरीदारी की है।
गौरव, फल विक्रेता बादली
पहले के मुकाबले फल व पूजा सामग्री महंगी मिली है। लेकिन जन्माष्टमी पर्व है इसलिए इसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। बच्चों के लिए फल खरीदने के साथ-साथ पूजा-पाठ की जरूरी सामग्री भी खरीदी है।
मंजीत ग्राहक बादली।
बढ़ती कीमतों से त्योहार का बजट प्रभावित हुआ है लेकिन धार्मिक आस्था के आगे महंगाई को नहीं देखा जा सकता।
सीमा, ग्रहणी।
इस बार फल और पूजा की सामग्री के दाम अधिक हैं, जिससे खर्च बढ़ गया है। हमने अपनी जरूरत के हिसाब से बच्चों के लिए फल और भगवान श्रीकृष्ण की पूजा के लिए सामग्री खरीदी है।
जानू, बादली।
फोटो नंबर 71: