कोरोना काल में सभी का फोकस सिर्फ संक्रमण पर रह गया है, जिसके कारण दूसरे मरीजों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। इसलिए गर्भवती महिलाओं और गंभीर बीमारियों से ग्रस्त मरीजों को उनके घर पर ही चिकित्सा सुविधा उपलब्ध करवाई जाए। टेस्ट और इलाज घरों पर होना सुनिश्चित किया जाए। इस बारे में जिला प्रशासन को निर्देश दिए गए हैं। यह जानकारी कोरोना प्रबंधों की समीक्षा के लिए रोहतक आई विधानसभा की कमेटी की चेयरपर्सन सीमा त्रिखा ने बैठक के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में दी।
उन्होंने कहा कि प्रशासन को कहा गया है कि अगर किसी भी व्यक्ति में कोरोना के लक्षण नजर आते हैं तो तीसरे दिन उसका टेस्ट हो जाना चाहिए। यहां आने से पहले स्थानीय विधायकों और सांसद से बात की गई थी ताकि स्थानीय लोगों का फीडबैक मिल सके। सभी का कहना था कि लोग प्रशासन के काम से संतुष्ट हैं। तीन लॉकडाउन के बाद जब छूट मिली तो हमने लापरवाही बरती, उसी के कारण केस बढ़ रहे हैं। दिल्ली से सटे गुरुग्राम और फरीदाबाद की स्थिति ज्यादा खराब है। फरीदाबाद में आयुष का काढ़ा पिलाने और सामाजिक व धार्मिक नेताओं के संदेश प्रसारित करने की पहल की गई है। ऐसा बाकी जिलों में भी किया जा सकता है।
भारतीय रसोई में है सबसे ज्यादा ताकत
बड़खल की भाजपा विधायक सीमा ने कहा कि जिले में ऑक्सीमीटर पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं। कोरोना के लिए पैनल में लिए गए निजी अस्पतालों के सवाल पर उन्होंने कहा कि सरकारी अस्पतालों में मुफ्त इलाज किया जा रहा है, कोई भी वहां जा सकता है। निजी अस्पतालों के लिए भी सरकार ने कैप निर्धारित किया है। त्रिखा ने कहा कि भारतीय रसोई में सबसे ज्यादा ताकत है, मसाल प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में काफी मददगार हैं।
कोरोना से हुई मौतों की विस्तृत रिपोर्ट मांगी
विधानसभा की ओर से गठित कमेटी ने वीरवार को जिले में कोरोना को लेकर किए गए प्रबंधों और स्थिति से निपटने के इंतजामों की समीक्षा की। कमेटी ने जिला प्रशासन से कोरोना से हुई मौतों की विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। सर्किट हाउस में आयोजित बैठक की अध्यक्षता बड़खल की भाजपा विधायक सीमा त्रिखा ने की। इसमें हिसार के भाजपा विधायक डॉ. कमल गुप्ता, इंद्री के भाजपा विधायक रामकुमार कश्यप और कालांवाली के कांग्रेस विधायक शीशपाल सिंह के अलावा जिला प्रशासन व पीजीआई के अधिकारी मौजूद रहे।
जिले में हुई मौतों के विस्तृत रिपोर्ट से यह बताया जाएगा कि संक्रमितों में कुपोषण पीड़ित कितने थे। इसके अलावा रोग प्रतिरोधक क्षमता के बारे में बताया जाएगा। कमेटी ने प्रशासन से कहा कि गांवों और शहर में संक्रमितों के अनुपात की रिपोर्ट दी जाए। रक्तदान शिविरों के दौरान सभी आवश्यक टेस्ट करवाए जाएं। हीमोफीलिया, फैलिसीनिया, कैंसर के मरीजों को सरकार द्वारा दी जा रही सुविधाएं सुनिश्चित की जाएं। पेंशन से वंचित लोगों की पेंशन लगवाई जाए, जरूरत पड़ने पर मुफ्त दवाएं दी जाएं।
विधायक डॉ. गुप्ता ने कहा कि कोरोना के साथ दूसरी बीमारियों के मरीजों का इलाज सुनिश्चित किया जाए। कोरोना संदिग्ध के अस्पताल पहुंचते ही उसका टेस्ट किया जाए। विधायक कश्यप ने गांव ककराना में 19 कोरोना संक्रमितों और प्रशासन द्वारा सामुदायिक संक्रमण रोकने को किए गए प्रबंधों की जानकारी हासिल की। प्रतिदिन हो रहे टेस्ट के बारे में भी पूछा। विधायक शीशपाल सिंह ने कहा कि लोगों के दिलों से कोरोना का डर निकालने को उन्हें जागरूक किया जाए। उन्होंने कोरोना से पहले और अब पीजीआई में आने वाले मरीजों की संख्या पूछी। साथ ही पीजीआई में चल रहे कोरोना वैक्सीन के ट्रायल के बारे में भी जानकारी हासिल की। मीटिंग में पूर्व मंत्री मनीष ग्रोवर और निगम कमिश्नर प्रदीप गोदारा भी थे।
कमेटी में ये रहे शामिल
- सीमा त्रिखा, एमएलए, चेयरपर्सन (भाजपा)
- रघबीर सिंह कादयान, एमएलए, सदस्य (कांग्रेस)
- जगदीश नायर, एमएलए, सदस्य (भाजपा)
- रामकुमार कश्यप, एमएलए, सदस्य (भाजपा)
- डॉ. कमल गुप्ता, एमएलए, सदस्य (भाजपा)
- नैना सिंह चौटाला, एमएलए, सदस्य (जजपा)
- शैली, एमएलए, सदस्य (कांग्रेस)
- शीशपाल सिंह, एमएलए, सदस्य (कांग्रेस)
- नयन पाल रावत, एमएलए, सदस्य (निर्दलीय)
सेहत विभाग की 15 टीमें कर रही हैं संदिग्धों की जांच
कोरोना संक्रमित होने के कारण डीसी आरएस वर्मा मीटिंग में नहीं शामिल हुए। प्रशासन की अगुवाई मंडलायुक्त डॉ. डी सुरेश ने की। उन्होंने कमेटी को आश्वस्त किया कि कोरोना से निपटने को पूरी प्रतिबद्धता से काम किया जा रहा है। उपायुक्त नियमित रूप से समीक्षा कर रहे हैं, कंटेनमेंट जोन में जाकर उन्होंने प्रबंधों का जायजा भी लिया है। गैर सरकारी संगठनों से तालमेल कर लोगों को बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध करवाई गई हैं। एडीसी महेंद्र पाल ने बताया कि जिले में 11 सामाजिक और पांच धार्मिक संस्थाओं के सहयोग से खाने के 17 लाख पैकेट जरूरतमंदो को बांटे गए हैं, सूखा राशन भी दिया गया है। जिले में 814 कमेटियां बनाई गईं, जिन्होंने जरूरतमंदों की सूची तैयार की। गंभीर बीमारियों के पीड़ितों की पहचान की गई। सेहत विभाग की 15 टीमें कोरोना के संदिग्ध मरीजों की जांच कर रही हैं। जिले में रोजाना 1400 टेस्ट हो रहे हैं और रिकवरी रेट अच्छा है।
पीजीआई में रोजाना 2500 टेस्ट की क्षमता
पीजीआईएमएस के निदेशक डॉ. रोहताश यादव और कोरोना के राज्य नोडल अधिकारी डॉ. ध्रुव चौधरी ने एलईडी स्क्रीन के माध्यम से कोरोना से निपटने के प्रबंधों की जानकारी दी। पीजीआई में रोजाना 2500 टेस्ट करने की क्षमता है। जिनकी रिपोर्ट उसी दिन मरीज के मोबाइल नंबर पर भेज दी जाती है। ऑक्सीजन सुविधा से युक्त 520 बेड, आईसीयू में 103 बेट, ट्रामा सेंटर में 120 बेड, वार्ड 24, 25, 26 में साठ बेड के अलावा पर्याप्त संख्या में बेड का प्रबंध किया गया है। सिविल सर्जन डॉ. अनिल बिरला ने विभाग द्वारा की गई तैयारियों की जानकारी दी। कंटेनमेंट जोन में टेस्टिंग और सैनिटाइजेशन के बारे में बताया।
सर्किट हाउस में कोरोना को लेकर अधिकारियों को संबोधित करती विधानसभा कमेटी के चेयरपर्सन सीमा त्रि- फोटो : RohtakCity