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एडीजे कोर्ट में चलेगा प्रो. विरेंद्र सिंह पर देशद्रोह का केस

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जाट आरक्षण आंदोलन के दौरान हिंसा के मामले में पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा के राजनीतिक सलाहकार रहे प्रोफेसर विरेंद्र सिंह के खिलाफ देशद्रोह का मामला एडीजे रितु वाईके बहल की अदालत में चलेगा। वीरवार को सेशन जज एएस नारंग ने केस की फाइल सेशन ट्रायल के लिए एडीजे की अदालत में भेज दी। अब मामले की अगली सुनवाई 29 अगस्त को होगी।
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याद रहे कि फरवरी 2016 में प्रदेश में जाट आरक्षण की मांग को लेकर आंदोलन चला। 18 फरवरी तक आंदोलनकारियों ने सड़क जाम करके मांगों को लेकर सरकार पर दबाव बनाया, लेकिन रोहतक में हिंसक घटनाएं शुरू हो गई। इसके बाद सोनीपत, झज्जर, भिवानी, जींद, कैथल व प्रदेश के दूसरे हिस्सों में हिंसा फैल गई। 23 फरवरी को भिवानी निवासी कैप्टन पवन आंचल ने सिविल लाइन थाने में शिकायत दी कि आंदोलन के दौरान पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा के राजनीतिक सलाहकार रहे प्रोफेसर विरेंद्र सिंह ने फोन पर दलाल खाप के प्रवक्ता मानसिंह दलाल से बातचीत की। इसके बाद बातचीत का ब्योरा वायरल हो गया। इसके बाद ही हिंसक घटनाएं हुई। पुलिस ने प्रोफेसर विरेंद्र को देशद्रोह का मामला दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया गया। बाद में उनकी सेशन कोर्ट से जमानत हो गई।
पुलिस द्वारा गठित एसआईटी ने तीन साल की जांच के बाद 2019 में कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की। चार्जशीट में आरोप लगाया है कि प्रोफेसर विरेंद्र सिंह ने कांग्रेस ग्रामीण इकाई के अध्यक्ष रहे जयदीप धनखड़ के मोबाइल से मानसिंह दलाल से बातचीत की। बातचीत में प्रोफेसर कह रहे हैं कि इनसो वाले लड़कों ने सिरसा में तो कीड़ी तक नहीं रोक रखी, यहां रोहतक में जाम लगा है। इसके चलते दलाल व धनखड़ को भी कोर्ट से स्थायी जमानत लेनी पड़ी। चार्जशीट के बाद केस पिछली तारीख को केस एसीएजेम कोर्ट से सेशन कोर्ट ट्रांसफर हो गया था। वीरवार सुबह तीनों आरोपी सेशन कोर्ट में पेश हुए, जहां से केस एडीजे कोर्ट में ट्रांसफर कर दिया गया।
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मामले को लेकर प्रोफेसर विरेंद्र सिंह, मान सिंह दलाल व जयदीप धनखड़ ने गुरुवार को सेशन जज की अदालत में हाजिरी लगाई। हाजिरी के बाद केस को सेशन जज ने एडीजे कोर्ट में ट्रांसफर कर दिया। अब 29 अगस्त को मामले की सुनवाई एडीजे रितु वाई के बहल की अदालत में होगी।
- एडवोकेट आरसी दलाल, वकील बचाव पक्ष
और कैमरे में कैद हो गए प्रोफेसर विरेंद्र
जाट आरक्षण आंदोलन से जुड़े बहुचर्चित केस में पुलिस ने प्रोफेसर विरेंद्र को मार्च 2016 में गिरफ्तार किया था। बाद में उनको सेशन कोर्ट से जमानत मिल गई थी। जिला बार के एक वकील ने बताया कि इसके बाद प्रोफेसर ज्यादातर समय जब भी अदालत में तारीख पर आते, जल्दी हाजिरी लगा लेते थे। गुरुवार को उनके सेशन कोर्ट में रुकना पड़ा और वे कैमरे में कैद हो गए।
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