संवाद न्यूज एजेंसी
रोहतक। दादा लख्मीचंद स्टेट यूनिवर्सिटी ऑफ परफॉर्मिंग एंड विजुअल आर्ट्स (डीएलसी सुपवा) के सभी कार्यालयों में अब सूर्य कवि दादा लख्मीचंद की तस्वीरें लगाई जाएंगी। कुलपति अमित आर्य ने डीन, एफसी और सभी विभागाध्यक्षों को ये तस्वीरें सौंपी हैं। यह पहल प्रदेश की महान सांस्कृतिक परंपरा और लोक विरासत के सम्मान में की गई है।
कुलपति अमित आर्य ने बताया कि सुपवा में दादा लख्मीचंद के नाम पर स्थापित होने के बावजूद उनके कार्यालयों में उनकी कोई तस्वीर नहीं थी। विश्वविद्यालय परिसर में उनकी प्रतिमा जरूर है। जहां शुभ कार्यों से पहले माल्यार्पण किया जाता है।
दादा लख्मीचंद ने हरियाणा की लोक संस्कृति, लोकगीत और सांग परंपरा को समृद्ध किया। उनकी रचनाएं हरियाणवी समाज की जीवनशैली, लोकभाषा और मानवीय भावनाओं को दर्शाती हैं। उनकी कला और विचार आज भी लोगों को प्रेरित करते हैं।
अमित आर्य ने कहा कि कार्यालयों में दादा लख्मीचंद की फोटो लगाना हरियाणवी संस्कृति व अपनी लोक विरासत के प्रति सम्मान का प्रतीक है। यह पहल कर्मचारियों में अपनी मिट्टी, भाषा और परंपराओं के प्रति गौरव की भावना पैदा करेगी। रजिस्ट्रार गुंजन मलिक मनोचा ने कहा कि दादा लख्मीचंद की तस्वीर हमें अपनी जड़ों को याद रखने, भाषा पर गर्व करने और संस्कृति को आगे बढ़ाने की प्रेरणा देगी।