कलानौर। कलानौर में जलभराव की स्थिति अभी भी बनी हुई है। खासकर उन जगहों पर जहां पर सबसे ज्यादा लोग आवागमन करते हैं। कलानौर तहसील रोड पर एक महीने से जलभराव की स्थिति बनी हुई है। इसका प्रमुख कारण साथ लगते झांझड वाले तालाब का ओवरफ्लो होना बताया जा रहा है।
इस तालाब की निकासी नहीं होने से वार्ड नं 14 व 16 में रहने वाले लोगों को सबसे ज्यादा समस्या उत्पन्न हो रही है। प्रशासन की तरफ से पंपसेट लगाए गए हैं लेकिन निकासी की जगह नहीं मिल रही है।
इधर, तालाब का पानी खेतों में छोड़ने पर किसान परेशान हैं। संतोषी मंदिर के पास किसान मंगल सैनी, विजय गुज्जर, अनूप सिंह, विनोद जांगड़ा, सुंदर ने इसका विरोध करते हुए कहा है कि पहले ही फसलें बर्बाद हो चुकी हैं। ऐसे में तालाब का पानी खेतों में छोड़ा जा रहा है। यह बची हुई फसल भी नष्ट कर देगा।
तालाब का पानी जलघर में आने वाले नाले में जाने से लोगों की सेहत के साथ भी खिलवाड़ किया जा रहा है। दरअसल, तालाब की निकासी खेतों में की जा रही है। ऐसे में नहर से लेकर जलघर तक पहुंचने वाला नाला टूटा हुआ है। ऐसे में पानी खेतों के रास्ते नाले में प्रवेश कर गया है। यह सीधा जलघर के टैंकों में जाएगा।
प्रशासन वार्ड की अनदेखी कर रहा : पार्षद रामबीर
कलानौर वार्ड नंबर 10 की सोसाइटी वाली गली में जलभराव की समस्या सबसे ज्यादा बनी हुई है। ऐसे में इस गली से निकासी का कोई समाधान नहीं है। वार्ड नंबर 10 के पार्षद रामबीर ने बताया कि प्रशासन वार्ड की अनदेखी कर रहा है।
समाधान के इंतजार में लोगों के मकानों में दरारें आ गई हैं। वार्ड नं 8 में आईटीआई के पीछे सारे सीवर ओवरफ्लो हो चुके हैं। पानी वापसी गलियों में भरना शुरू हो गया है। कर्मचारियों की ओर से पंपसेट भी लगाए जा रहे हैं, लेकिन कलानौर में जलभराव की समस्या हल नहीं हो रही है।
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बारिश की वजह से अभी नाले बंद कर रखे हैं, जैसे ही हालात ठीक होंगे, सफाई करके खोले जाएंगे। फिलहाल, तीन पंपसेट और लगाए गए हैं। जलभराव का जल्द समाधान हो जाएगा।
- राजेश सोनी, एसडीओ, जन स्वास्थ्य विभाग।
फोटो कैप्शन सौजन्य संवाद
तहसील रोड से झांझड वाले तालाब का नजारा।
तहसील रोड पर जलभराव