रोहतक। नशे की गिरफ्त में आए रोहतक को सुधारने के लिए अब पुलिस ने मुहिम चलाई है। अधिकारियों ने जिले के प्रत्येक गांव और वार्ड को नशामुक्त करने का लक्ष्य बनाया है। हालांकि अभी तक 22 गांव और सात वार्डों को ड्रग फ्री किया जा चुका है। अब इसे बढ़ाकर 30 दिसंबर तक 30 गांव और 10 वार्ड ड्रग फ्री करने का लक्ष्य बनाया है। इस अभियान में पुलिस जोर-शोर से जुट गई है और गांवों-वार्डों में घर-घर जाकर नशा करने वाले लोगों की काउंसिलिंग कराकर उन्हें नशे से दूर किया जा रहा है। इतना ही नहीं नशा छोड़कर अच्छा जीवन व्यतीत करने वाले युवाओं को काम दिलाने या फिर लोन दिलाकर स्व रोजगार कराने की भी पुलिस योजना बना रही है।
पिछले कुछ साल में रोहतक में लगातार नशा करने वालों की संख्या बढ़ रही है। हालांकि पुलिस समय-समय पर नशा तस्करों के खिलाफ कार्रवाई करके उनको सलाखों के पीछे भेज रही है, साथ ही उनकी संपत्ति को भी अटैच और ध्वस्त करने का काम कर रही है। अब रोहतक पुलिस ने जिले को नशामुक्त (ड्रग फ्री) करने की मुहिम चलाई है। पुलिस ने सबसे पहले जिलेभर में नशे के आदी लोगों को चिह्नित किया। इनकी संख्या गांव, वार्ड और सेक्टर में 357 मिली है। जिन लोगों को नशे की ज्यादा लत है, उनके परिजन से बात करके नशामुक्ति केंद्रों में भेजा जा रहा है। जो लोग कम नशा करते हैं, उनको दवा और काउंसिलिंग कराकर जागरूक किया जा रहा है।
अभी तक पुलिस को 28 लोगों को नशे से दूर किया जा चुका है और अब वह परिवार के साथ सामान्य जीवन बिता रहे हैं। अब तक पुलिस ने 22 गांव और सात वार्डों को नशामुक्त कर चुकी है, जबकि दिसंबर के अंत तक आठ गांव और दो और वार्डों को (30 गांव और 10 वार्डों) तक यह मुहिम पहुंचाकर नशामुक्त करने का लक्ष्य रखा है। पुलिस ने नशा तस्करों के खिलाफ सूचना देने के लिए टोल फ्री नंबर 9050891508 व 7082999802 जारी किए हैं।
रोजगार या स्वरोजगार दिलाने की भी है योजना
पुलिस अधिकारियों की मानें तो जिले में 357 लोगों को नशा से दूर करके उनको रोजगार दिलाने की योजना है। जिनको रोजगार नहीं दिला पाएंगे, उनको ऋण दिलाकर स्वयं का रोजगार शुरू कराने पर जोर दिया जाएगा। इसके लिए बैंकों और सामाजिक संस्थाओं से भी बात चल रही है।
नशा छुड़ाने में परिजनों की भी अहम भूमिका
नशे से दूर करने के लिए पुलिस के साथ-साथ परिवार के लोगों की भी इसमें अहम भूमिका है। चूंकि वह भी नशा करने के कारण अपने परिवार के सदस्य से काफी परेशान थे। इसमें वह पुलिस का भरपूर सहयोग दे रहे हैं। ऐसे लोगों का नागरिक अस्पताल से इलाज चलवाया जा रहा है।
वर्जन
नशे की गिरफ्त में आए लोगों को नशामुक्त करने के लिए अभियान चलाया जा रहा है। अभी तक पुलिस ने 357 लोगों को चिह्नित किया है। इनमें 28 लोगों को नशे से दूर किया जा चुका है। अब तक 22 गांव और सात वार्ड नशामुक्त किए जा चुके हैं। नशे से दूर हुए लोगों को रोजगार दिलाने या स्वरोजगार कराने की भी योजना है।
- रवि खुंडिया, डीएसपी मुख्यालय।