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हत्या को हादसा मानकर बंद कर दी थी पुलिस ने फाइल, छह माह बाद केस दर्ज

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Police had closed the murder as an accident, the case was filed after six months
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रोहतक। सुनारिया चौक पर 10 अप्रैल को सड़क किनारे मिले राजमिस्त्री रमेश निवासी गद्दी खेड़ी के शव के मामले में नया मोड़ आ गया है। पुलिस ने नील गाय के सड़क पर आने से बाइक अनियंत्रित होकर सड़क हादसे में मौत मानकर फाइव बंद कर दी थी। छह माह बाद एससी-एसटी आयोग के आदेश पर पुलिस ने राजमिस्त्री की हत्या का मुकदमा दर्ज किया है। जिसमें दो ठेकेदार समेत दो लोगों को नामजद किया गया है।
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राष्ट्रीय अनुसूचित जाति-जनजाति आयोग से की गई शिकायत में जय भगवान ने कहा था कि वह गांव गद्दी खेड़ी का रहने वाला है। उसका भाई राजमिस्त्री रमेश 10 अप्रैल को दो भतीजियों को सुबह साढ़े 9 बजे बहन के पास गांव गरनावठी छोड़ने गया था। करीब साढ़े 10 बजे बजे भतीजियों को छोड़कर साढ़े 11 बजे रमेश से बात हुई तो उसने बताया कि वह ठेकेदार राहुल के पास जा रहा है, उससे रुपयों का लेन देन है। उसने रुपये देने के लिए बुलाया है। 11.40 और पौने 1 बजे रमेश के पास रमेश ने फोन पर बताया था कि वह राहुल के पास बैठा है, जब राहुल पैसे देगा तो वह वहां से चल देगा। 3 बजे रमेश को परिजनों ने फिर से फोन लगाया तो उसका फोन स्विच ऑफ मिला। कुछ देर बाद गांव के नंबरदार नफे ने फोन कर रमेश की सड़क हादसे में मौत की सूचना दी। साथ ही बताया कि रमेश का शव सुनारिया बाईपास पर पड़ा है। सूचना मिलते ही परिजन मौके पर पहुंचे, वहां पुलिस पहले से ही मौजूद थी। परिजनों ने रमेश की हत्या की आशंका जताते हुए राहुल व रोहित पर हत्या का आरोप लगाया। परिजनों के मुताबिक वारदात के दिन राहुल का दोस्त भी रोहित के साथ मौजूद था। रमेश के मोबाइल फोन पर राहुल के उस दिन 17-18 फोन आए थे, जिसमें 7-8 मिस कॉल भी हैं। ये सभी फोन सुबह करीब 10 बजे से लेकर दोपहर 2 बजे तक थे। राहुल की सुनारिया बाईपास के पास फैक्टरी है। परिजनों ने बताया था कि उन्होंने पूरी तसल्ली कर ली थी कि रमेश का एक्सीडेंट नहीं हुआ, उसकी साजिश के तहत हत्या की गई थी।
ठेकेदार है आरोपी राजमिस्त्री था मृतक
परिजनों ने बताया कि उन्होंने आरोपियों के खिलाफ 14 अप्रैल को एसपी को भी शिकायत दी थी। मगर शिकायत पर शिवाजी कॉलोनी थाना पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। रमेश की राहुल से काफी पुरानी जानकारी थी। राहुल ठेकेदारी का काम करता था और रमेश राहुल के पास राजमिस्त्री था। पुलिस ने उपरोक्त मामले में कोई कार्रवाई नहीं की। पुलिस यह कहती रही कि पीएमआर मिलने दो। पुलिस ने 3-4 जगह से सीसीटीवी फुटेज भी लिये। परिजनों के मुताबिक फुटेज व कॉल डिटेल के आधार पर यह कही भी सिद्ध नहीं होता कि रमेश की मौत सड़क हादसे में हुई है।
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