दिल्ली पुलिस के स्पेशल सेल द्वारा रोहतक के किला रोड और सब्जी मंडी में
हुए बम धमाकों के आरोपी अब्दुल करीम टुंडा को शुक्रवार को कड़ी सुरक्षा के
बीच अदालत में पेश किया।
अदालत ने आरोपी को 22 नवंबर को दोबारा पेश
करने के आदेश दिए। इससे पहले टुंडा को सोनीपत और पानीपत में भी बम धमाकों
के मामले में पुलिस पूछताछ के लिए ला चुकी है।
22 जनवरी 1997 में
किला रोड व सब्जी मंडी के पास भी दो धमाके हुए थे। इस मामले में पुलिस ने
शहर थाना प्रभारी के बयान पर मोहम्मद अमीर व अब्दुल करीम टुंडा के खिलाफ
मामला दर्ज किया था। टुंडा पर साजिश रचने व ब्लास्ट कराने का आरोप है। इस
मामले में गिरफ्तार आरोपी ने बताया था कि टुंडा के कहने पर ब्लास्ट किए थे।
पिछले दिनों टुंडा की गिरफ्तारी के बाद सोनीपत पुलिस ने 1996 में
हुए बम ब्लास्ट के मामले में उसे प्रोडक्शन वारंट पर लिया था। पूछताछ के
दौरान खुलासा हुआ था कि रोहतक में हुए ब्लास्ट में भी टुंडा का हाथ है। इस
वजह से रोहतक पुलिस ने प्रोडक्शन वारंट हासिल करने के लिए दिल्ली अदालत में
याचिका लगाई थी।
याचिका पर सुनवाई करते हुए अदालत ने उसे 8 नवंबर
को रोहतक अदालत में पेश करने के आदेश दिए थे। शुक्रवार को दिल्ली और रोहतक
पुलिस की संयुक्त टीम टुंडा को कड़ी सुरक्षा के बीच रोहतक लेकर पहुंची और
उसे सीजेएम अश्वनी कुमार की अदालत में पेश किया। अदालत ने आरोपी को 22
नवंबर को दोबारा पेश करने के आदेश दिए।
पूरे देश में फैलाया था आतंक
दिल्ली
पुलिस के मुताबिक देश भर में 1993, 1996, 1997 और 1998 के धमाकों में
टुंडा का हाथ था और उसने ही कॉमनवेल्थ खेलों के दौरान भी दिल्ली में धमाका
करने की साजिश रची थी। 17 अगस्त को दिल्ली पुलिस की स्पेशल टीम ने टुंडा को
गिरफ्तार किया था।
इंद्रलाल मल्होत्रा की दुकान के बाहर हुए थे धमाके
रोहतक
सब्जी मंडी स्थित इंद्रलाल मल्होत्रा की दुकान के बाहर 22 जनवरी 1997 को
धमाका हुआ था। इसी दौरान किला रोड पर भी धमाका हुआ था। इस धमाके में छह लोग
घायल हो गए थे। मल्होत्रा ने इस बारे में शिकायत दर्ज कराई थी। बाद में
मामले की जांच दिल्ली क्राइम ब्रांच को सौंपी गई थी।