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पहली बार जल संरक्षण के मिलेंगे अंक, कचरा रिसाइकलिंग पर निगम का फोकस

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नगर निगम ने स्वच्छता सर्वेक्षण 2021 की तैयारियां अभी से शुरू कर दी है। पहली बार सर्वेक्षण चार की बजाय तीन चरण में होगा, जिसमें जल संरक्षण के लिए किए गए प्रबंधों के 700 में से एक तिहाई अंक मिलेंगे। सर्वेक्षण में सोर्स सेग्रीग्रेशन (स्रोत विभाजन) व कचरा रिसाइकलिंग पर सबसे ज्यादा फोकस रहेगा। वहीं, निगम आयुक्त का कहना है कि अबकी बार रोहतक निगम को राष्ट्रीय स्तर पर टॉप 10 सूची में लाने का लक्ष्य रखा गया है।
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स्वच्छता सर्वेक्षण 2020 में 5 लाख की आबादी वाले शहरों में रोहतक राष्ट्रीय स्तर पर 35वें स्थान पर सबसे स्वच्छ शहर रहा। निगम को सबसे ज्यादा अंक डायरेक्ट आब्जर्वेशन व सबसे कम सर्टिफिकेशन में मिले थे। निगम को मिली गाइड लाइन के मुताबिक इस बार सर्वेक्षण 3 चरण में होगा। इसमें सबसे पहले ओडीएफ प्लस अभियान चलेगा, जिसमें स्वच्छता सर्वेक्षण टीम जांच करेगी। इसके बाद कचरा फ्री सिटी व तीसरे व आखिरी चरण में स्वच्छता की जांच की जाएगी। इस बार सर्विस लेन प्रोसेस के सबसे ज्यादा 2400 अंक रखे गए हैं। जबकि सिटीजन फीडबैक व सर्टिफिकेशन के 1800-1800 अंक तय किए गए हैं। इसके अलावा 1100 अंक गारबेज फ्री सिटी के होंगे।
नए गाइड लाइन के तहत पहली बार स्वच्छता सर्वेक्षण में जल संरक्षण को शामिल किया गया है। जांच टीम पता लगाएगी कि शहर मेें जल संरक्षण को लेकर क्या प्रबंध किए गए हैं। पार्कों में एकत्रित बारिश के पानी से लेकर बड़ी-बड़ी बिल्डिंग में रेन वाटर हार्वेसटिंग सिस्टम है या नहीं। इसके बाद सर्वेक्षण में प्रेरक दौड़ सम्मान को भी शामिल किया गया है, जिसके तहत पांच पुरस्कार दिए जाएंगे, जिसमें दिव्य, अनुपम, उज्जवल, उदित व आरोही शामिल हैं।
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नगर निगम प्रशासन को 2020 में राष्ट्रीय स्तर पर 35वां स्थान मिला था। अबकी बार टॉप टेन में आने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए सर्विस लेन प्रोसेस व सर्टिफिकेेशन पर सबसे ज्यादा जोर दिया जाएगा। इसमें कचरा प्रबंधन व रि-साइकलिंग शामिल है।
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- प्रदीप गोदारा, आयुक्त नगर निगम
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