रोहतक। पीजीआई में सामने आए निजी सुरक्षा कंपनी के घोटाले की खबर पीएमओ (प्रधानमंत्री कार्यालय) तक पहुंच गई है। पीएमओ ने संस्थान प्रशासन से इसकी रिपोर्ट तलब की है। कंपनी में कर्मचारियों की संख्या के साथ छेड़छाड़ कर यह घोटाला किया गया है।
रिश्तेदारों व परिवार के लोगों को कर्मचारी दिखाकर घर बैठे वेतन देने की बात भी सामने आई है। इस शिकायत के बाद मंगलवार को सीएम फ्लाइंग ने भी दस्तावेज जुटाए। यही नहीं, कंपनी से जुड़े पुराने कर्मचारियों से भी बातचीत कर तथ्य जुटाए गए हैं।
पीजीआई में हुए घोटाले की गूंज पीएमओ तक पहुंच गई है। ऐसे में पीएमओ ने पत्र जारी कर संस्थान से घोटाले की रिपोर्ट तलब की है। संस्थान इस मामले में घालमेल करता नजर आ रहा है। यही नहीं, डीएमईआर (डायरेक्टर मेडिकल रिसर्च एजुकेशन) को भी इसकी शिकायत भेजी जा चुकी है।
इस पर डीएमईआर ने वित्तीय ब्योरा मांगा है। इसके बाद से संस्थान का पत्र एक मेज से दूसरी मेज पर घूम रहा है। कुलपति के निर्देश के बावजूद रिपोर्ट डीईमआर कार्यालय नहीं पहुंची है। रिपोर्ट मिलने के बाद ही डीएमईआर की ओर से अगली कार्रवाई हो पाएगी।
मुख्यमंत्री उड़नदस्ते ने जुटाए तथ्य
पीजीआई में घोटाले की खबर अखबारों में छपने के बाद खुफिया विभाग व मुख्यमंत्री उड़नदस्ता भी हरकत में आया। उड़नदस्ते ने मामले से जुड़े दस्तावेज व जरूरी तथ्य जुटाए। यही नहीं, कंपनी से जुड़े रहे पूर्व कर्मचारियों से भी बातचीत की गई। कर्मचारियों ने उन्हें कंपनी के खिलाफ कुछ पुख्ता सबूत भी मुहैया कराए हैं।