शैक्षणिक सत्र 2015-16 से एमडीयू के डिपार्टमेंट ऑफ फिजिकल एजूकेशन को फैकल्टी का दर्जा मिलने की उम्मीदें धराशायी होती नजर आ रही है।
फैकल्टी के लिए मुख्यमंत्री करीब छह माह पूर्व बिल्डिंग का शिलान्यास भी कर चुके हैं लेकिन, सरकार की ओर से फैकल्टी शुरू के लिए यूनिवर्सिटी में पत्र ही नहीं भेजा जा रहा।
एमडीयू के डिपार्टमेंट ऑफ फिजिकल एजूकेशन को फैकल्टी का दर्जा मिलना है। इसके लिए मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने खेल नीति की घोषणा के समय जनवरी माह में फैकल्टी की बिल्डिंग का शिलान्यास भी कर दिया था।
डिपार्टमेंट की तरफ से भी पीजी बोर्ड के साथ-साथ डीन एकेडमिक अफेयर की मीटिंग में भी कागजी कार्रवाई पूरी कर दी गई थी। बस इंतजार था तो सिर्फ सरकार की तरफ से मिलने वाले अनुमति पत्र का। ऐसे में नए सत्र से डिपार्टमेंट को फैकल्टी का दर्जा मिलने की उम्मीद कम ही नजर आ रही है।
बजट भी हो चुका है स्वीकृत
फैकल्टी की बिल्डिंग के लिए करीब पांच करोड़ रुपये का बजट भी स्वीकृत हो चुका है, जबकि मुख्यमंत्री ने खुद भी एक करोड़ रुपये देने की घोषणा की थी। सूत्रों की मानें तो मुख्यमंत्री की तरफ से मिलने वाले एक करोड़ रुपये तो आ चुके हैं, लेकिन पत्र नहीं भेजने के कारण उनका इस्तेमाल नहीं किया जा रहा।
डिपार्टमेंट में 115 सीटें आवंटित
एमडीयू के इस डिपार्टमेंट में बीपीएड में 50 सीट, एमपीएड में 30 सीट, एमफिल 15 और पीजी डिप्लोमा इन योगा साइंस में 20 सीटें आवंटित है। फैकल्टी बनने के बाद इसमें सीटों की संख्या के साथ-साथ स्टाफ भी बढ़ाया जाएगा।
वर्जन
मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने शिलान्यास कर दिया है लेकिन, अभी तक सरकार की तरफ से पत्र नहीं भेजा गया। पत्र मिलने के बाद ही डिपार्टमेंट को फैकल्टी का दर्जा मिलेगा।
-प्रो. कुलताज सिंह, एचओडी, डिपार्टमेंट ऑफ फिजिकल एजूकेशन, एमडीयू