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Rohtak News: एमडीयू का फार्मास्यूटिकल विभाग अखिल भारतीय एनआईआरएफ रैंकिंग में 38वें स्थान पर

Fri, 16 May 2025 05:33 PM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
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16सीटीके08-एमडीयू का फार्मास्यूटिकल विभाग।
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रोहतक। महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय (एमडीयू) का फार्मास्यूटिकल विभाग अपनी स्थापना के 30 वर्षों में शिक्षा और अनुसंधान के क्षेत्र में नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा है। 1995 में केवल बी. फार्मेसी पाठ्यक्रम के साथ शुरू हुआ यह विभाग आज अखिल भारतीय एनआईआरएफ रैंकिंग में 38वें स्थान पर और हरियाणा के सभी सरकारी संस्थानों में प्रथम स्थान पर है।
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विभाग के प्राध्यापकों का नाम स्टैनफोर्ड विश्वविद्यालय के शीर्ष दो प्रतिशत वैज्ञानिकों में शामिल है। विभाग के पूर्व छात्र मंदीप मान रोहतक में ड्रग कंट्रोलर के पद पर कार्यरत हैं। जीएल सिंगल हरियाणा में पूर्व स्टेट ड्रग कंट्रोलर हैं। रफी अहमद कनाडा में आईसीओएन बर्लिगटन ओन्टार्ट में सीनियर प्रोजेक्ट मैनेजर और विपुल गुप्ता सिप्ला में उपाध्यक्ष एवं कॉर्पोरेट मामले व नीति प्रमुख के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं।

विभाग के अध्यक्ष डॉ. दीपक कौशिक ने बताया कि विभाग ने समय के साथ विभिन्न विशिष्टताओं में स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम शुरू किए हैं, जिनमें एम. फार्मेसी (औद्योगिक फार्मेसी-2003), एम. फार्मेसी (औषधि विनियामक मामले-2004), एम. फार्मेसी (फार्मा केमिस्ट्री-2008), एम. फार्मेसी (फार्माकोग्नॉसी-2009) और एम. फार्मेसी (फार्माकोलॉजी-2009) शामिल हैं।
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उन्होंने बताया कि विभाग को विभिन्न एजेंसियों से लगभग तीन करोड़ रुपये की अनुदान राशि प्राप्त हुई है और अब तक 13 पेटेंट स्वीकृत हो चुके हैं। इसके अलावा, विभाग के नाम 1099 स्कॉप्स प्रकाशन, 18127 स्कॉप्स उद्धरण और 63 का स्कॉप्स एच-इंडेक्स भी दर्ज है। विद्यार्थियों को अत्याधुनिक शोध की सुविधा के लिए विभाग में 30 से अधिक आधुनिक उपकरण उपलब्ध हैं। उन्होंने यह भी बताया कि विभाग के छात्रों का विभिन्न प्रतिष्ठित कंपनियों में नियमित रूप से प्लेसमेंट होता है।

विभाग के अध्यापक कर रहे हैं शोध

डॉ. अरुण नंदा, डॉ. संजू नंदा, डॉ. हरीश दूरेजा, डॉ. दीपक कौशिक व डॉ. विकास बुधवार ड्रग डिलीवरी सिस्टम, नैनो फार्मूलेशन, कॉस्मेटिक साइंस व रेगुलेटरी अफेयर्स के क्षेत्र में शोध कर रहे हैं। डॉ. बी नरसिम्हन, डॉ. पीके वर्मा, डॉ. महेश कुमार, डॉ. राकेश कुमार मारहवा, डॉ. अनुराग खटकड़ व डॉ. सलोनी कक्कड़ कंप्यूटेशनल केमिस्ट्री, मेडिसिन केमेस्ट्री एवं ड्रग सिंथेसिस के क्षेत्र शोध कर रहे हैं।
डॉ. मुनीष गर्ग, डॉ. अंजु धिमान, डॉ. वंदना गर्ग, डॉ. विनीत मित्तल एवं डॉ. मीनू औषधीय पौधों व फाॅर्मूलेशन की गुणवत्ता नियंत्रण मानकीकरण और हर्बल दवाओं का सुरक्षा मूल्यांकन के क्षेत्र में शोध कर रहे हैं। डॉ. गोविंद न्यूरोलॉजी डिसऑर्डर और कैंसर के क्षेत्र में कर रहे हैं। डॉ. आशू, डॉ. पूनम यादव, अनुराधा, डॉ. अभिलाषा भी शोध कार्य में जुटी हुई हैं।
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