रोहतक। पीजीआईएमएस रोहतक को एक ओर प्रदेश के सबसे बड़े चिकित्सा संस्थान का गौरव प्राप्त है। वहीं दूसरी ओर सोमवार को देशभर में चले महा टीकाकरण अभियान में 225 लोगों को ही टीका लगाया गया। पिछले दिनों टीकाकरण का आंकड़ा अर्ध शतक भी पार नहीं कर पाया था। वर्तमान में अधिकारियों के प्रयास के चलते सोमवार को यह संख्या 200 पार कर पाई। टीकाकरण में संस्थान का आगे ना आना स्वास्थ्य विभाग के लिए चुनौती बना हुआ है।
स्वास्थ्य विभाग को दी गई लिस्ट में पीजीआईएमएस में 9 हजार से अधिक लाभार्थी बताए गए हैं। जबकि टीका लगवाने यहां अधिकांश लोग नहीं आ रहे हैं। यह स्थिति उस समय है जब कुलपति, निदेशक, रजिस्ट्रार व एमएस स्वयं टीका लगवा चुके हैं। सोमवार को टीकाकरण अभियान में 670 गार्डों को जागरूक करने के लिए मुख्य सुरक्षा अधिकारी मेजर नीरज शर्मा व उनके साथ 16 गार्डों ने स्वयं को वैक्सीन लगवाई। इसके बावजूद अधिकांश में टीका लगवाने को लेकर संशय बना रहा। संस्थान में कई सीनियर डॉक्टर वैक्सीन लगवा चुके हैं, इसके बावजूद यहां जूनियर डॉक्टर टीका लगवाने से बच रहे हैं। गौरतलब है कि पीजीआईएमएस कोरोना की कौवैक्सीन की रिसर्च का हिस्सा भी रहा है और पहले दो चरण में रिकार्ड वॉलंटियरों को रिसर्च में शामिल किया। अब स्वयं टीकाकरण कराने में यहां की टीम पीछे चल रही है। सिविल सर्जन डॉ. अनिल बिरला ने इस संबंध में बताया कि हम तो सभी को जागरूक ही कर सकते हैं किसी को इसके लिए दबाव नहीं दिया जा सकता है। हेल्थ वर्कर को स्वयं टीका लगवाना चाहिए और अन्य को भी इसके लिए जागरूक करना चाहिए।
सभी को टीका लगवाना चाहिए, इससे कोरोना से सुरक्षा तय होगी। जब हेल्थ वर्कर सुरक्षित होंगे तो ही हम मरीजों का सही ढंग से उपचार कर सकेंगे। कोरोना महामारी को रोकने के लिए हमें लोगों को जागरूक भी करना है। यदि स्वयं टीकाकरण नहीं कराएंगे तो लोगों को कैसे जागरूक करेंगे। वैक्सीन किसी तरह से नुकसानदायक नहीं है।
- डॉ. जसबीर परमार, प्रदेशाध्यक्ष, हरियाणा सिविल मेडिकल सर्विस एसोसिएशन
डेंटल कॉलेज का कोई भी स्टाफ बिना टीकाकरण के नहीं रहेगा। हम सभी को जागरूक कर रहे हैं और पूरे स्टाफ में वैक्सीन को लेकर उत्साह भी बना हुआ है। डेंटल कॉलेज के स्टाफ को टीका लगवाने की अधिक जरूरत है, यहां मरीज का मास्क हटवा कर जांच करनी पड़ती है। यदि टीका लगा रहेगा तो खतरा न के बराबर होगा।
- डॉ. संजय तिवारी, प्रिंसिपल, पीजीआईडीएस
संस्थान के सुरक्षा गार्ड सबसे अधिक और सबसे पहले मरीजों के संपर्क में आते हैं। किसी को नहीं पता होता कि सामने वाला व्यक्ति किस बीमारी का मरीज है। इसलिए जरूरी है कि गार्ड पहले स्वयं का संक्रमण से बचाव करें। इसके लिए टीका लगवाना बहुत जरूरी है। टीका लगवाने से कोई साइड इफेक्ट नहीं होता। किसी को कुछ पूछना है तो बात कर सकता है।
- मेजर नीरज शर्मा, मुख्य सुरक्षा अधिकारी
सिर्फ ये नहीं लगवा सकते टीका
- जिन्हें किसी से एलर्जी की समस्या है
- जो गर्भवती हैं
- जो बच्चे को दूध पिला रही हैं
- जिन्होंने दो सप्ताह से पहले कोई वैक्सीन लगवाई हो या अगले दो सप्ताह में वैक्सीन लगवानी हो
- किसी ड्रग से रिएक्शन होता हो
- हार्ट के मरीज जिनको रक्त पतला करने की दवा लेनी होती हो
- ब्लडिंग डिसआर्डर वाले
नोट : डॉ. आरबी जैन के अनुसार