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1500 को लगनी थी कोविशील्ड पर 1400 ही लगवा पाए टीका

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जिला अस्पताल में टीकाकरण के दौरान पहुंचे चिकित्सक व अन्य। - फोटो : RohtakCity
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रोहतक। कोरोना से बचाव के लिए देश भर में चलाए गए महा टीकाकरण अभियान में रोहतक जिले की अहम भूमिका रही। यहां स्वास्थ्य विभाग का 1500 लाभार्थियों को कोविशील्ड वैक्सीन लगाने का लक्ष्य था, जोकि 1400 तक पहुंच पाया। स्वास्थ्य विभाग ने पूरी हिम्मत दिखाते हुए लक्ष्य को प्राप्त करने की कोशिश की, लेकिन पीजीआईएमएस में जागरूकता के अभाव में यह 100 कम ही रहा। निजी अस्पतालों ने भी टीकाकरण अभियान में उत्साह दिखाया और बढ़ चढ़कर वैक्सीन लगवाई।
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स्वास्थ्य विभाग को महा टीकाकरण अभियान के तहत प्रदेश में 30 हजार लोगों को टीका लगाना था। इसमें से रोहतक जिले को 1500 लाभार्थियों को टीका लगाने का लक्ष्य था। विभाग ने अभियान के तहत एक दिन में 1400 लोगों को वैक्सीन की डोज लगाई है। हालांकि विभाग ने 2362 लाभार्थियों को टीका लगाने के लिए लिस्ट तैयार की थी। स्वास्थ्य विभाग को सबसे बड़ी उम्मीद पीजीआईएमएस के तीन सेंटरों से थी। यहां 300 का लक्ष्य माना जा रहा था, जबकि पीजीआईएमएस के दो सेंटरों पर 132 व पीजीआईडीएस में 94 लोगों को ही वैक्सीन लग पाई। अभियान के तहत सरकारी संस्थानों के साथ निजी अस्पतालों ने भी टीकाकरण अभियान में खास उत्साह दिखाया और जिले को लक्ष्य के करीब ले गए। शहर के निजी अस्पताल दा लाइफ केयर में जब तय लिस्ट से अधिक पंजीकृत डॉक्टर वैक्सीन लगवाने पहुंचे तो जिला टीकाकरण अधिकारी को अतिरिक्त कोविशील्ड वैक्सीन वायल भेजनी पड़ी।
डिप्टी सिविल सर्जन ने समूह में कराया टीकाकरण
जिला अस्पताल में टीकाकरण कराने सिविल सर्जन कार्यालय में तैनात सभी डिप्टी सिविल सर्जन पहुंचे और वैक्सीन लगवाई। महाअभियान में जिला अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. रमेश, जिला नोडल अधिकारी कोरोना डॉ. राजबीर सभ्भरवाल, डॉ. सत्यवान आदि अधिकारियों ने टीका लगवाया। इस दौरान सिविल सर्जन डॉ. अनिल बिरला, जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ. अनिलजीत त्रेहान स्टाफ का हौसला बढ़ाने पहुंचे। अधिकारियों ने बताया कि वह स्वयं पहले टीकाकरण करवा चुके हैं और कोई नुकसान नहीं है।
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कोरोना वैक्सीन पूरी तरह सुरक्षित, हर स्वास्थ्य कर्मी को लगवाना चाहिए टीका : अग्रवाल
कोरोना वैक्सीन पूरी तरह सुरक्षित है। हर स्वास्थ्य कर्मी को इसे लगवाना चाहिए ताकि महामारी को खत्म किया जा सके। बच्चों को वैक्सिन लगाने के बाद हल्का बुखार, दर्द आदि की समस्या आ जाती है, लेकिन एक-दो दिन में सब ठीक हो जाता है। वैक्सीन लगने के बाद हम बीमारी से निजात पा लेते हैं। यह कहना है पंडित भगवत दयाल शर्मा स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ. एचके अग्रवाल का। डॉ. एचके अग्रवाल सोमवार को डेंटल कॉलेज के सभागार में वैक्सीन दिवस पर बतौर मुख्यातिथि संस्थान के डॉक्टरों व स्टाफ को टीकाकरण करवाने के लिए जागरूक करने पहुंचे थे। डॉ. अग्रवाल ने कहा कि डेंटल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. संजय तिवारी व उनकी टीम ने टीकाकरण में उत्साह दिखाया है इसके लिए पीजीआईडीएस के प्रिंसिपल डॉ. संजय तिवारी व उनकी टीम बधाई की पात्र है। प्राचार्य डॉ. संजय तिवारी ने कहा कि वैक्सीन लगवाने में हेल्थ वर्कर का नंबर पहले इसलिए आया है कि हमें मरीजों को संक्रमण से बचाना है। स्वयं को सुरक्षित करने के बाद हम बेहतर उपचार कर मरीजों की संक्रमण से जान बचा सकेंगे। क्योंकि एक साथ पूरे देश को टीका लगा पाना संभव नहीं है। डॉ. तिवारी ने बताया कि उन्होंने स्वयं टीका लगवाया और कोई समस्या नहीं है। जो स्टाफ व डॉक्टर अभी वैक्सीन नहीं लगवा पाए हैं वह भी जल्द टीकाकरण करवा लेंगे। वहीं टीकाकरण के प्रभारी डॉ. आरबी जैन ने कहा कि सप्ताह में चार दिन वैक्सीन लगाई जा रही है। उनका प्रयास है कि पंजीकृत नौ हजार से अधिक सभी लोगों को टीका लगे। डीन छात्र कल्याण डॉ. गजेंद्र सिंह ने कहा कि वह वैक्सीन लगवा चुके हैं। इसका कोई साइड इफैक्ट नहीं है। सभी को वैक्सीन लगवानी चाहिए ताकि देश के नागरिकों में जल्द हर्ड इम्युनिटी बन सके। पब्लिक हैल्थ डेंटिसटरी के विभागाध्यक्ष डॉ. मंजूनाथ बीसी ने वैक्सीन को लेकर सभी की जिज्ञासाओं को शांत किया। अधिकारी ने बताया कि अब अगले सप्ताह डेंटल के छात्रों को भी यह वैक्सीन लगाई जाएगी। इस अवसर पर सिविल सर्जन डॉ. अनिल बिरला, डीन छात्र कल्याण डॉ. गजेंद्र सिंह, डॉ. एससी नरूला, डॉ. मंजूनाथ बीसी, डॉ. आरके शर्मा, डॉ. विरेंद्र सिंह, डॉ. मनू राठी, जनसंपर्क विभाग के इंचार्ज डॉ. वरुण अरोड़ा, डॉ. अंबिका गुप्ता, डॉ. पंकज गहलोत, डॉ. आदर्श, डॉ. हरनीत, डॉ. जिज्ञासा सहित कई डॉक्टर उपस्थित रहे।
कोवैक्सीन के ट्रायल का हिस्सा बने लोगों की जांची जाएगी एंटीबॉडी
पीजीआईएमएस के रजिस्ट्रार डॉ. एचके अग्रवाल ने बताया कि कोवैक्सीन के ट्रायल का हिस्सा बने संस्थान के जिन डॉक्टरों व स्टाफ को दोनों डोज लग चुकी है, उनकी एंटी बॉडी जांची जाएगी। यदि उनमें एंटीबॉडी नहीं मिलती तो उन्हें कोविशील्ड वैक्सीन लगवाई जाएगी। इससे वह भी कोरोना से सुरक्षित रह सकेंगे।
जिले में अब तक लगभग 3000 को वैक्सीन लगाई जा चुकी है। महा टीकाकरण अभियान के तहत सोमवार को पीजीआईएमएस के दो प्वाइंट पर 132, पीजीआईडीएस में 94 लोगों को टीका लगाया गया। जिले में एक दिन में 1400 को टीका लगाया गया है। 10,800 लाभार्थी जिले में पंजीकृत हैं। वैक्सीन लगाने के बाद किसी को बड़ी समस्या नहीं आई है। कुछ लोगों को वैक्सीन लगने के बाद सामान्य समस्या हुई है जोकि स्वाभाविक है। इसके अलावा सब कुछ बिल्कुल ठीक है।
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- डॉ. अनिल बिरला, सिविल सर्जन
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