कोरोना की तीसरी लहर पर पीजीआईएमएस प्रशासन अलर्ट हो गया है। संक्रमितों का उपचार करने के साथ संस्थान अपने डॉक्टरों व स्टाफ के संक्रमित होने के कारणों को भी तलाशेगा। जांच में देखा जाएगा कि संक्रमित होने वालों में कितने लोगों ने वैक्सीन लगवाई है। मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए वार्ड 24, 25, 26 सामान्य संक्रमित मरीजों व डे केयर तथा न्यू मॉड्यूलर ओटी को वेंटिलेटर वाले मरीजों के लिए आरक्षित कर दिया गया है।
पीजीआईएमएस प्रशासन ने कोरोना के मरीजों का उपचार करने के लिए अपने डॉक्टरों व सभी विभागों को अलर्ट कर दिया है। वहीं मार्च में 25 से अधिक डॉक्टरों व अन्य स्टाफ के संक्रमित मिलने को गंभीरता से लिया है। अधिकारियों ने विभिन्न विभागाध्यक्षों से रिपोर्ट मांगी है कि उनके किन-किन डॉक्टरों ने टीकाकरण नहीं करवाया है। क्योंकि देश में सबसे पहले टीकाकरण की सुविधा स्वास्थ्य विभाग को दी गई थी। इसके बावजूद संस्थान में 50 प्रतिशत के करीब डॉक्टरों ने टीकाकरण नहीं कराया है। प्रशासन टीकाकरण न कराने वाले डॉक्टरों को क्वारंटीन करने की सुविधा रद्द करने की तैयारी में है। अधिकारियों का कहना है कि जिन्होंने टीकाकरण कराया है और यदि उनके साथ समस्या आती है तो उनकी हर स्तर पर मदद करेंगे। प्रशासन बार-बार सभी से अपील कर रहा था कि कोरोना की लहर आने से पूर्व ही टीकाकरण करा लें, लेकिन कई लोगों ने इसे गंभीरता से नहीं लिया।
वेंटिलेटर की सुविधा से लैस 44 बेड होंगे आरक्षित
पीजीआईएमएस प्रशासन ने डे केयर के 10 बेड व न्यू मॉड्यूलर ओटी के प्रथम तल पर 34 आईसीयू के बेड को वेंटिलेटर की सुविधायुक्त कोविड मरीजों के लिए आरक्षित कर दिया है। यहां मरीजों के आने-जाने के लिए विशेष व्यवस्था की गई है, इसमें अलग से कॉरिडोर बनाया गया है ताकि अन्य मरीजों व लोगों को संक्रमण से बचाया जा सके। इसके अलावा वार्ड 24, 25 व 26 में भी कोरोना के मरीजों को रखा जाएगा। संस्थान के आपात विभाग व ट्रॉमा सेंटर में सामान्य मरीजों को पहले की तरह ही उपचार दिया जाएगा। रिक्कू विभाग में मरीजों को आईसीयू बेड की सुविधा मिलेगी।
क्वारंटीन के लिए फैकल्टी हाउस, स्पेशल वार्ड आरक्षित
कोरोना संक्रमण का शिकार होने वाले डॉक्टरों व स्टाफ के रहने के साथ क्वारंटीन करने का प्रबंध प्रशासन ने कर दिया है। पीजीआईएमएस अपना फैकल्टी हाउस, निदेशक आवास, एमडीयू फैकल्टी हाउस, तिलियार, मैना के अलावा विश्राम सदन को अपने स्टाफ के लिए आरक्षित कर दिया है।
हमने कोरोना मरीजों के उपचार का प्रबंध कर दिया है। सामान्य मरीजों के अलावा वेंटिलेटर की जरूरत वाले मरीजों के लिए भी इंतजाम हो गया है। हमारे पास उपचार के लिए सभी उपकरण, दवाएं व अन्य सामग्री उपलब्ध हैं। फिलहाल सामान्य मरीजों को समस्या न हो, इसे ध्यान में रखते हुए ओपीडी, आपात विभाग, ट्रॉमा सेंटर की सेवाओं में हस्तक्षेप नहीं किया गया है। हमारे डॉक्टर व स्टाफ संक्रमित हो रहे हैं। इसके लिए सभी विभागाध्यक्षों से रिपोर्ट मांगी गई है कि जिन्होंने टीकाकरण नहीं कराया है। हम किसी को जबरन वैक्सीन नहीं लगा सकते, लेकिन सभी को समझना चाहिए कि संक्रमण से बचाव के लिए टीकाकरण जरूरी है। अस्पताल में तो मरीज आएगा ही ऐसे में बगैर टीकाकरण हम संक्रमण से कैसे बच सकते हैं।
- डॉ. रोहतास कंवर यादव, निदेशक, पीजीआईएमएस