कोरोना की तीसरी लहर एक बार फिर पीजीआईएमएस के डॉक्टरों पर भारी पड़ रही है। मार्च माह में 25 से अधिक डॉक्टर व अन्य स्टाफ कोरोना संक्रमण का शिकार हो गए हैं। इसमें सबसे अधिक संख्या महिला रोग विभाग व बेहोशी विभाग के डॉक्टरों की है। रविवार को 16 नए कोरोना संक्रमित मरीजों की पुष्टि हुई है। सिविल सर्जन डॉ. अनिल बिरला ने बताया कि रविवार को पीजीआईएमएस के छह डॉक्टरों कोरोना संक्रमित मिले हैं। इसके अलावा जेल में दो कैदी, हाउसिंग बोर्ड, सांपला व सेक्टर एक में बुजुर्गों तथा सेक्टर तीन के इंजीनियर एवं सैनिक कॉलोनी की गृहिणी कोरोना के शिकार हुए हैं। सेक्टर तीन में शिक्षक, सेक्टर एक के दो छात्र, गढ़ी सांपला का कर्मचारी भी कोरोना ग्रस्त हुए हैं। इसके साथ ही जिले में कोरोना संक्रमितों का कुल आंकड़ा 12523 हो गया है। फिलहाल जिले में कोरोना के सक्रिय मरीजों की संख्या 158 हो गई है और अभी तक 161 अस्पताल में उपचार के दौरान दम तोड़ चुके हैं। 12204 कोरोना संक्रमित अब तक ठीक हो चुके हैं। वहीं जिले में कोरोना का संक्रमण स्तर 4.15 प्रतिशत के हिसाब से बढ़ रहा है और रिकवरी रेट 97.45 प्रतिशत हो गया है। वर्तमान में सात मरीज अस्पताल में भर्ती हैं और 151 मरीज घर पर एकांतवास में उपचाराधीन है।
बढ़ाई जाएगी स्क्रीनिंग, सतर्कता बरतें
जिला नोडल अधिकारी कोविड-19 डॉ. राजबीर सभ्भरवाल ने बताया कि कोरोना संक्रमण के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। इसे देखते हुए स्क्रीनिंग बढ़ाई जाएगी। पहले की तरह रोजाना 2000 के करीब लोगों के सैंपल लिए जाएंगे। सैंपल बढ़ने के साथ ही कोरोना संक्रमितों की संख्या भी बढ़ रही है। इस समय होली है और लोगों को अधिक सतर्क रहने की जरूरत है।