रोहतक। पीजीआईएमएस के बायोकेमिस्ट्री विभाग की महिला डॉक्टर और निदेशक कार्यालय की महिला गार्डों के बीच कहासुनी व मारपीट मामले में शनिवार को होने वाली जरनल बाडी की बैठक सिरे नहीं चढ़ पाई। कोरोना संक्रमणकाल के चलते सभी डॉक्टर एकत्रित नहीं हो पाए और यह बैठक अब सोमवार को होगी। शनिवार को सोशल मीडिया के माध्यम से डॉक्टरों ने इस विवाद पर मांग की है कि महिला डॉक्टर से मारपीट करने वाली महिला गार्डों की ड्यूटी बदली जाए और निदेशक भी एक सिस्टम बनाएं ताकि किसी को उनसे मिलने के लिए परेशान ना होना पड़े।
हरियाणा स्टेट मेडिकल टीचर एसोसिएशन के प्रधान एवं कम्यूनिटी मेडिसिन विभाग के सीनियर प्रोफेसर डॉ. आरबी जैन ने बताया कि उनकी एसोसिएशन के कुछ पदाधिकारी कोरोना की चपेट में हैं, तो कुछ अवकाश पर हैं। ऐसे में शनिवार को इस मामले में बैठक नहीं हो पाई। कुछ डॉक्टर बैठक के समय पर आ गए थे तो कुछ सोशल मीडिया के माध्यम से जुड़ गए थे। इसमें सभी की मांग है कि संस्थान में एक ग्रीवेंसिज रिड्रेशल मैकेनिजम होना चाहिए, ताकि सभी की समस्या सुनीं जाएं। अधिकारी इसके लिए समय तय करें, ताकि किस को परेशान ना होना पड़े। इसके अलावा सभी ने रोष जताया है कि निदेशक को महिला डॉक्टर महिला गार्डों के भरोसे नहीं छोड़नी थी। वह पहले से ही बीमार थी। निदेशक को तय करना चाहिए कि ऐसा भविष्य में ना हो। इस संबंध में सोमवार को एक बजे फिर बैठक होगी। डॉ. जैन ने बताया कि महिला डॉक्टर कुलपति से भी अपनी समस्या को लेकर मिलने गई थीं, वह बीमार हैं। उससे बैठकर बात करने से ही हल निकलेगा। प्रधान ने बताया कि इस मामले में आईएमए, एचसीएमएस भी उनके समर्थन में है कि महिला डॉक्टर के साथ ऐसा नहीं होना चाहिए था। एबीवीपी पहले ही इस मामले में विरोध प्रदर्शन कर रहा है।