डॉक्टर हॉस्टल में रैगिंग करने के मामले में पीजीआईएमएस के कुलपति ने आरोपी छात्रों पर कार्रवाई कर दी है। जांच कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर छह एमबीबीएस छात्रों पर असामाजिक, अनुशासनहीनता और बेहूदगी करने का आरोप तय किया गया है। इनमें पांच सीनियर और एक जूनियर छात्र शामिल है। सभी को अलग-अलग सजाएं दी गई हैं। आरोपी छात्रों को कक्षाओं और हॉस्टल से निकाले जाने के अलावा आर्थिक दंड भी लगाया गया है। छात्रों के भविष्य को देखते हुए उन्हें रैगिंग के आरोप से बचा लिया गया है।
पंडित भगवत दयाल शर्मा स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय (पीजीआईएमएस) प्रशासन ने 11 जूनियर एमबीबीएस छात्रों से रैगिंग करने के मामले में पांच सीनियर एमबीबीएस छात्रों पर कार्रवाई कर दी है। साथ ही एक जूनियर छात्र को भी सजा सुनाई है। हालांकि, मामले में पांचों सीनियरों को रैगिंग के आरोपों से बचाकर उनका भविष्य बर्बाद होने से बचा लिया गया है। कुलपति प्रो. ओपी कालरा ने आशीष आर्य, जसविंद्र पाल और चेतन शर्मा को दो माह के लिए कक्षाओं से सस्पेंड किया है। ये छात्र दो माह के लिए किसी भी टेस्ट, परीक्षा, प्रतियोगिता में शिरकत नहीं कर सकेंगे। तीनों सीनियर छात्रों को दो माह के लिए क्षेत्रीय, राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय मीट, प्रतियोगिता और यूथ फेस्टिवल में शिरकत करने के लिए प्रतिबंधित किया गया है। छह माह के लिए हॉस्टल से निकालने के अलावा 10 हजार रुपये का जुुर्माना लगाया गया है। तीनों को चेतावनी दी गई है कि यदि वे दोबारा ऐसी गतिविधि में पाए जाते हैं तो उनका पंजीकरण रद्द कर दिया जाएगा, इसके लिए परिजनों से एफिडेविट लिया गया है। वहीं, छात्र रोहित शर्मा को एक माह के लिए कक्षा में प्रवेश पर प्रतिबंध लगाया गया है। एक माह के लिए टेस्ट, परीक्षा, प्रतियोगिता में शिरकत करने पर प्रतिबंध लगाया गया है। साथ ही एक माह के लिए क्षेत्रीय, राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय मीट, प्रतियोगिता और यूथ फेस्टिवल अटेंड करने पर प्रतिबंध लगाया गया है। वहीं, हॉस्टल से तीन माह के लिए निकाले जाने के अलावा पांच हजार रुपये का जुर्माना किया गया है। छात्र को चेतावनी दी गई है कि यदि वह दोबारा ऐसी गतिविधि में पाया जाता है तो उसका पंजीकरण रद्द कर दिया जाएगा, इसके लिए उसके परिजनों से एफिडेविट लिया गया है। छात्र अनुज को दो माह के लिए हॉस्टल से निकालनेे के अलावा जूनियर छात्र सुरेंद्र को 15 दिन के लिए कक्षाओं से निकाला गया है। छात्र को चेतावनी दी गई है कि यदि वह फिर ऐसी गतिविधि में पाया जाता है तो उसके खिलाफ संस्थान सख्त कार्रवाई करेगा।
यह हुई कार्रवाई
तीन छात्र दो माह के लिए कक्षाओं से सस्पेंड, छह माह के लिए हॉस्टल से निकालने गए, 10 हजार का जुुर्माना
एक छात्र पर एक माह के लिए कक्षा में प्रवेश पर रोक, हॉस्टल से तीन माह के लिए निकाला, पांच हजार का जुर्माना
एक छात्र को दो माह के लिए हॉस्टल से निकाला, एक जूनियर को 15 दिन के लिए कक्षाओं से निकाला गया
यह था मामला
सुप्रीम कोर्ट के आदेशों और पीजीआईएमएस के नियमों को ताक पर रखते हुए 28 सितंबर की रात एमबीबीएस के चार सीनियर छात्रों ने अपने 11 नये साथियों के साथ रैगिंग की। इसमें एक सीनियर छात्र अपने हॉस्टल में रुक गया था। इसकी भनक जब एंटी रैगिंग कमेटी को लगी तो उन्होंने जांच शुरू कर दी। सबसे पहले मामले में गाज हॉस्टल के गेट पर तैनात सुरक्षा कर्मचारी पर गिरी थी। जांच टीम के अनुसार इंटर्न हॉस्टल में घटना की रात एमबीबीएस के एक सीनियर छात्र ने अपने चार साथियों के साथ जन्मदिन की पार्टी मनाई थी। इस संबंध में एंटी रैगिंग कमेटी के एक सदस्य की संस्थान के एक प्रोफेसर से कहा सुनी हुई थी। इसमें प्रोफेसर का एक रिश्तेदार भी पीड़ित था।