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पीजीआई रोहतक के नर्सिंग लेक्चरर ने की आत्महत्या, कार में मिला शव, पत्नी भी बेटियों संग लापता

Thu, 24 Sep 2020 04:31 PM IST
रोहतक ब्यूरो अमर उजाला, रोहतक
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प्रतीकात्मक तस्वीर
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मैं जिंदगी की भागदौड़ से बहुत परेशान हो गया हूं... मेरा भगवान ही मेरी जान का मालिक है, मेरी मौत का जिम्मेदार कोई नहीं है। सुसाइड नोट में यह लिखकर पीजीआईएमएस नर्सिंग कॉलेज के लेक्चरर ने कन्हेली नहर के पास अपनी कार में जहर निगल लिया। इसके बाद उसने साथी डॉक्टरों को इसकी सूचना भी दे दी। सूचना मिलने पर साथी डॉक्टर तुरंत मौके पर पहुंचे और उसे पीजीआई ले आए। जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
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घटना की सूचना मिलने पर शिवाजी कॉलोनी थाना पुलिस पहले घटनास्थल पर और में बाद पीजीआई पहुंची। जहां से उसकी पत्नी को सूचना दी गई। सूचना मिलने के बाद अपनी दोनों बेटियों के साथ शवगृह पहुंची पत्नी फूट - फूटकर रोने लगी और वहां से बेटियों संग स्कूटी पर सवार होकर मरने की बात कहते हुए निकल गई। इसकी सूचना पुलिस ने वीटी कर सभी नाकों पर दी। शहर में नाकाबंदी भी की गई। मगर तीनों लापता हो गईं। पुलिस मामले की जांच व लापता की तलाश में जुटी हुई है।

पुलिस के मुताबिक डॉ. प्रमोद सहारण (38) मूलरूप से राजस्थान के राजगढ़ व हाल में पीजीआई कैंपस में बने क्वार्टर में रहते थे। वह पीजीआईएमएस के नर्सिंग कॉलेज में लेक्चरर थे। 23 सितंबर को वे एक महिला डॉक्टर के साथ गुरुग्राम स्थित एक कॉलेज में लगी ड्यूटी के तहत परीक्षा लेने गए थे। जहां से शाम को साढ़े पांच के बाद रोहतक वापस लौटे। डॉ. प्रमोद ने महिला डॉक्टर को डबल फाटक पुल स्थित सरकारी क्वार्टर के पास उतार दिया। इसके बाद वे अपनी गाड़ी से कन्हेली नहर के पास चले गए। जहां उन्होंने गाड़ी में जहर निगल लिया।
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इसके बाद उनकी हालत बिगड़ी व गाड़ी में उल्टियां भी कीं। उन्होंने अपने अन्य साथी डॉक्टरों को फोन किया और जानकारी दी। साथी डॉक्टर वहां पहुंचे व उन्हें पीजीआई ले आए, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
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पुलिस ने महिला को रोकने का प्रयास किया, मगर वह वहां से निकल गई

मृतक की पत्नी मूल रूप से दादरी की रहने वाली है। वह काहनौर में शिक्षिका है। सूचना मिलने के बाद वह भी अपनी दोनों बेटियों के साथ पीजीआई पहुंची। जहां अपने पति को मृत देखकर वह हक्की बक्की रह गई। वह वहां से दोनों बेटियों को स्कूटी पर बैठा कर मरने की बात कह कर निकल पड़ी। वहां खड़े अन्य डॉक्टरों सहित पुलिस ने उसे रोकने का प्रयास किया, मगर वह वहां से निकल गई। इसके तुरंत बाद पुलिस ने वीटी कर शहर में नाकाबंदी की, लेकिन वे लापता हो गए।

भाई की मौत के बाद से थे दुखी
साथी डॉक्टरों ने बताया कि डॉ. प्रमोद बहुत ही खुश मिजाज थे। वे बहुत शांत स्वभाव के थे। मगर भाई की मौत हो जाने के बाद से वे बहुत दुखी रहने लगे थे। भाई के बच्चों की जिम्मेदारी भी डॉ. प्रमोद के कंधों पर ही थी। बीते कुछ दिनों से कोई बात उन्हें घर कर रही थी, मगर कभी भी किसी से साझा नहीं की। मंगलवार को वे परिवार सहित नहर पर भी गए थे।

रोटी के भी खाए थे दो टूक, बोले : जल्दी काम खत्म करो, रोहतक भी जाना है
महिला साथी डॉक्टर ने बताया कि वे बुधवार को डॉ. प्रमोद के साथ गुरुग्राम एग्जाम ड्यूटी में गई थी। जहां खाना खाने के दौरान उन्होंने सिर्फ रोटी के दो ही टूक खाए थे। वे सभी को बार-बार बोल रहे थे कि जल्दी काम खत्म करो, रोहतक भी जाना है। महिला डॉ. के अनुसार डॉ. प्रमोद पिछले काफी दिनों से घरेलू परेशानियों से परेशान थे।

डॉ. प्रमोद ने जहर निगल कर आत्महत्या की है। उन्होंने सुसाइड नोट में किसी को भी अपनी मौत के लिए जिम्मेदार नहीं ठहराया है। हादसे की सूचना के बाद से डॉ. प्रमोद की पत्नी अपनी दोनों बेटियों सहित मरने की बात कह कर स्कूटी पर सवार होकर फरार हुई है। जिसका कोई सुराग नहीं लगा है। पुलिस की टीमें उन्हें तलाश कर रही है। मामले की आगामी कार्रवाई जारी है।
- इंस्पेक्टर बिजेंद्र सिंह, थाना प्रभारी, शिवाजी कॉलोनी।
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