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Rohtak News: पीजीआई को नए साल में मिल सकती है लीनियर एक्सीलेटर मशीन की सौगात

Fri, 26 Dec 2025 02:32 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
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अभिषेक कीरत
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रोहतक। पीजीआई और जिले की चिकित्सा सुविधाओं के लिए नया साल उम्मीदों से भरा होगा। 2026 में पीजीआई के कैंसर विभाग को 30 करोड़ रुपये की लीनियर एक्सीलेटर मशीन मिलने की उम्मीद है। इसके अलावा न्यूक्लियर मेडिसिन विभाग में नया स्टाफ व उपकरण मिलने ने की भी उम्मीद है। इससे संस्थान की व्यवस्था मजबूत होगी।

पीजीआई में हर साल आने वाले करीब 4000 कैंसर मरीजों को इसका लाभ होगा। कैंसर का इलाज तीन तरीकों सर्जरी, रेडिएशन थेरेपी व कीमोथेरेपी से किया जाता है। लीनियर एक्सीलेटर मशीन का उपयोग रेडिएशन थेरेपी में किया जाएगा। इसको रखने के लिए मार्च 2025 में इमारत को हैंडओवर कर दिया गया था। अब मशीन के आने का इंतजार है। कैंसर विभाग में कैंसर कोशिकाओं पर अचूक वार करने के लिए 30 करोड़ की लीनियर एक्सीलेटर मशीन आने के बाद रोजाना 70 मरीजों को थेरेपी दी जा सकेगी।
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इस मशीन के आने पर थेरेपी में अन्य अंगों के प्रभावित होने की आशंका नगण्य हो जाएगी। इसके कैंसर मरीजों के लिए न्यूक्लियर मेडिसिन विभाग की इमारत में आवश्यक उपकरणों के आने की उम्मीद है। इसमें सभी तरह के कैंसर की जांच संभव होगी।
विभाग से मरीजों को तीन तरह की थेरेपी मिलेगी, इनमें आयोडीन थायराइड कैंसर, लुटिशियम डोटाटेट थेरेपी व लूटेशियम पीएसएमए थेरेपी भी शामिल हैं। विभाग में थेरेपी वाले मरीजों को रखने के लिए पांच वार्ड बनाए गए हैं। रेडियो एक्टिव किरणों के कारण इनमें पांच ही मरीज रखे जाएंगे। विभाग को शुरू करने के लिए एटॉमिक एनर्जी रेगुलेशन बोर्ड से स्वीकृति ली गई है। संवाद

उपलब्धियां

फोटो: 17
पीजीआई में 6.5 करोड़ से बनी नई किचन व लॉन्ड्री
संस्थान मेें ढाई करोड़ की लागत से तैयार किचन में एक दिन में करीब 1400 मरीजों का भोजन बनने लगा है। इसमें आटा मेकर, चपाती, सब्जी बनाने की मशीनें स्वत: काम करती हैं। इसके साथ ही नई लान्ड्री में प्रतिदिन 5000 कपड़े धुल रहे हैं। इसके लिए लान्ड्री में 13 मशीनें लगाई गई हैं। इनमें से एक मशीन प्रेस करने व एक सिलवट निकालने के लिए लगाई गई हैं। यहां इंफेेक्शन को देखते हुए खून सने कपड़ों को अलग धोया जाने लगा है।

नागरिक अस्पताल की इमारत व ओपीडी की मरम्मत हुई
नागरिक अस्पताल की करीब चार करोड़ की लागत से तस्वीर बदली गई है। अस्पताल की मरम्मत के मुख्य द्वार पर दो वोटर कूलर लगाए गए हैं। दवा वितरण केंद्र के पास क्यारियां बनाकर पौधे लगाए गए हैं। अस्पताल में एसी, लाइटें भी नई लगाई गई हैं। इमरजेंसी हॉल की भी मरम्मत कराई गई है। ओपीडी का भी सुधार कराया गया है।
पीजीआईएमएस व स्वास्थ्य विवि के नए द्वार का उद्घाटन
पोस्ट ग्रेजुएट इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (पीजीआईएमएस) व स्वास्थ्य विज्ञान विवि के नए द्वार का सहकारिता मंत्री डॉ. अरविंद शर्मा ने उद्घाटन किया था।

स्वास्थ्य विज्ञान विवि में पहली बार शोध के लिए 26 रिसर्च प्रोजेक्ट प्रपोजल पहुंचे
स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय में मल्टी डिसिप्लिनरी रिसर्च यूनिट (एमआरयू) ने 20 रिसर्च प्रोजेक्ट मंजूर किए गए हैं। इनमें कई रिसर्च प्रोजेक्ट अंतरराष्ट्रीय स्तर पर छाप छोड़ने वाले भी हैं। रिसर्च को देखते हुए बजट बढ़ाने की मांग भी की गई है। इस बार विवि में लगभग 26 रिसर्च प्रोजेक्ट मंजूरी के लिए आए थे। एमआरयू की आठ सदस्यीय कमेटी ने सात घंटे चर्चा के बाद इनमें सुधार कर दोबारा सबमिट करने के लिए कहा था। यह पहली बार है, जब एमआरयू में मंजूरी के लिए 26 प्रोजेक्ट आए। पहले औसतन आठ से दस प्रोजेक्ट ही रिसर्च के लिए आते रहे हैं। डिपार्टमेंट ऑफ हेल्थ रिसर्च की तरफ से रिसर्च के लिए हर साल 20 लाख की फंडिंग की जाती है। अब भी तीन से चार ओर रिसर्च प्रोजेक्ट को मंजूरी मिल सकती है।
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नागरिक अस्पताल में अल्ट्रासाउंड के लिए स्थायी चिकित्सक आने की उम्मीद
नागरिक अस्पताल में स्थायी चिकित्सक का पद कई माह से खाली है। अल्ट्रासाउंड के लिए चिकित्सक प्रतिनियुक्ति पर आते हैं। वह भी केवल तीन दिन के लिए। ऐसे में मरीजों को सप्ताह में तीन दिन ही अल्ट्रासाउंड की सुविधा मिल पाती है।
नागरिक अस्पताल में मरीजों के उपचार के लिए हर सुविधा मुहैया कराने की कोशिश की जा रही है। अस्पताल में एमआरआई की सुविधा उपलब्ध कराने का प्रयास है। मरीजों के लिए सभी तरह के लैब टेस्ट उपलब्ध कराने का लक्ष्य है।
- डॉ. रमेश चंद्र आर्य, सिविल सर्जन रोहतक
पीजीआईडीएस में फरवरी से 24 घंटे इमरजेंसी सुविधा की शुरुआत, एनआईआरएफ में 12वीं रैंक मिली
पोस्ट ग्रेजुएट इंस्टीट्यूट ऑफ डेंटल साइंसेज (पीजीआईडीएस) में 24 घंटे इमरजेंसी सुविधा शुरू की गई। मरीजों को हर समय एक्स-रे सुविधा उपलब्ध है। कॉलेज को राष्ट्रीय संस्थागत रैंकिंग फ्रेमवर्क (एनआईआरएफ) में 12वां स्थान मिला है। इसके साथ ही यह संस्थान का नंबर-1 डेंटल संस्थान भी बना है। संस्थान में 45 से ज्यादा रिसर्च प्रोजेक्ट चल रहे हैं।
इनमें करीब 76 लाख रुपये खर्च किए जा रहे हैं। वर्ष 2022 में रिसर्च प्रोजेक्ट 16 ही थे। उस समय इनके लिए 47 लाख रुपये मिले थे। नई मोबाइल वैन में एक सीबीसीटी मशीन, नए टेबल टॉप ऑटोक्लेव, ओरल कैंसर लैब और वर्चुअल लर्निंग लैब स्थापित करने का प्रस्ताव हेल्थ यूनिवर्सिटी के कुलपति डॉ. एचके अग्रवाल के सहयोग से सरकार ने स्वीकृत कर दिया है। जल्द इस पर कार्य शुरू कर दिया जाएगा।
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कड़वी यादें...
पीजीआई में इस्माईला 9-बी निवासी राजू सिंह की मोतियाबिंद के ऑपरेशन के बाद दाईं आंख की रोशनी चली गई थी। राजू सिंह की शिकायत पर एडीसी की अध्यक्षता में गठित कमेटी ने रिपोर्ट मंत्री को सौंपी। जांच में लापरवाही मिली है। पीड़ित को आर्थिक सहायता के निर्देश दिए गए।
पहली बार डॉक्टरों को देरी से मिला वेतन

इस साल पहली बार देखने को मिला, जब संस्थान के पास चिकित्सकों को वेतन देने के लिए भी बजट नहीं था। चिकित्सकों को 12 दिन तक वेतन का इंतजार करना पड़ा। बजट न मिलने के कारण चिकित्सकों के होम लोन, कार लोन की ईएमआई तक रुक गई है। 12 दिन सरकार की तरफ से 62 करोड़ का बजट मिला तो चिकित्सकों को वेतन मिला।
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विश्वविद्यालय में पारदर्शिता, शैक्षणिक उत्कृष्टता व उत्तरदायित्वपूर्ण प्रशासन हमारी सर्वोच्च प्राथमिकताएं हैं। सभी परियोजनाओं को शीघ्र पूर्ण करने पर जोर दिया जा रहा है। आगामी वर्ष में रोगी-देखभाल से जुड़ी नई सुविधाएं भी जोड़ी जाएंगी। - डॉ. एचके अग्रवाल, कुलपति, स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय
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