13-एमडीयू में पीजीडीटी परिणाम के लिए डीन प्रो.एसी मलिक को ज्ञापन सौंपते छात्र, एएसएपी प्रदेश अध
- फोटो : नानपारा में बंद पड़ी गैस एजेंसी।
रोहतक। महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय (एमडीयू) में प्रशासनिक लापरवाही के चलते पीजीडीटी (पोस्ट ग्रेजुएशन डिप्लोमा इन ट्रांसलेशन) सत्र 2024-25 के विद्यार्थियों के परिणाम अटकने का मामला सामने आया है। छात्रों ने आम आदमी पार्टी के छात्र संगठन एसोसिएशन ऑफ स्टूडेंट्स फॉर अल्टरनेटिव पॉलिटिक्स (एएसएपी) के प्रदेश अध्यक्ष दीपक धनखड़ के नेतृत्व में विरोध जताया।
विद्यार्थियों का आरोप है कि उन्होंने परीक्षा और शोध प्रबंध से संबंधित सभी शुल्क समय पर जमा कराए थे। विश्वविद्यालय के एक लिपिक की लापरवाही के कारण वह राशि खाते में जमा नहीं हुई। अब प्रशासन उन्हीं छात्रों से लेट फीस के साथ दोबारा शुल्क जमा कराने का दबाव बना रहा है जिससे विद्यार्थियों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है।
छात्र डीन एकेडमिक अफेयर्स डॉ. सुरेश चंद्र मलिक से मिले और ज्ञापन सौंपा। डीन ने समस्या के शीघ्र समाधान का आश्वासन दिया। वहीं विश्वविद्यालय की शिकायत निवारण समिति पहले ही स्पष्ट कर चुकी है कि जिन छात्रों ने शुल्क जमा किया है उनका परिणाम बिना अतिरिक्त शुल्क के जारी किया जाएगा।
इसके बावजूद छात्रों को बताया गया कि उनके अवाॅर्ड ही गायब हो गए हैं जिससे प्रशासनिक अव्यवस्था उजागर होती है। एएसएपी प्रदेश अध्यक्ष दीपक धनखड़ ने चेतावनी दी कि यदि दो दिनों के भीतर समस्या का समाधान नहीं हुआ तो छात्र कुलपति कार्यालय के बाहर अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन करेंगे। मौके पर एएसएपी जिला अध्यक्ष आशीष मलिक, जीता प्रधान आदि छात्र उपस्थित रहे।